जान माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता-जिला उपायुक्त
उपायुक्त की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड क्षेत्र में 18 फरवरी को एकबार फिर जंगली हाथियों के एक झुंड के प्रवेश की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
इस संबंध में बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने 18 फरवरी की संध्या अपने गोपनीय कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, वन क्षेत्र पदाधिकारी संदीप शिंदे, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुकेश मछुवा, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान उपायुक्त झा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन, विद्युत विभाग, सीएसआर इकाई एवं स्थानीय प्रशासन आपस में समन्वय स्थापित कर स्थिति पर सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि हाथियों की गतिविधियों की नियमित ट्रैकिंग की जाए तथा संभावित संवेदनशील गांवों को चिन्हित कर अग्रिम एहतियाती कदम उठाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में आम नागरिकों की जानमाल की क्षति नहीं हो, इसके लिए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो को तत्काल प्रभाव से अनुमंडल स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया। यह नियंत्रण कक्ष 24×7 कार्यरत रहेगा तथा किसी भी आपात सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा। कहा कि नियंत्रण कक्ष के माध्यम से ग्रामीणों की शिकायत, सूचना एवं सहायता अनुरोध प्राप्त कर संबंधित विभागों को तत्काल सूचित किया जाए।
उपायुक्त द्वारा वन विभाग को हाथियों के पारंपरिक विचरण मार्ग की पहचान कर उसका प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ हीं संवेदनशील क्षेत्रों में वन कर्मियों की तैनाती बढ़ाने, माइकिंग एवं चेतावनी व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक न जाने के लिए सतर्क करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त द्वारा विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के उद्देश्य से एक अलग व्हाट्सएप समूह गठित करने का निर्देश दिया गया। कहा गया कि इस समूह के माध्यम से हाथियों की लोकेशन, गतिविधियों तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की जानकारी तत्काल साझा की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। माइकिंग एवं ग्राम सभा के माध्यम से रहिवासियों को सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने तथा हाथियों को उकसाने से बचने की सलाह दी।
बैठक में सीएसआर पदाधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों में टॉर्च एवं मशाल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि रात्रि के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके। संबंधित प्रखंड के बीडीओ एवं सीओ को निर्देश दिया गया कि प्रभावित गांवों में ग्राम रक्षा दल एवं वन संरक्षण समिति का गठन कर स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र को सशक्त किया जाए। इन समितियों के माध्यम से ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सामूहिक सतर्कता बढ़ाई जाएगी।
कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल तेनुघाट (बेरमो) को संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित न होने देने तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त रोशनी एवं अस्थायी प्रकाश व्यवस्था करने का उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया। साथ हीं संवेदनशील गांवों में अस्थायी प्रकाश व्यवस्था पर भी काम करने को कहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
विद्यालयों एवं अन्य सरकारी भवनों में अस्थायी ठहराव, पेयजल एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। कहा कि आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोकारो जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को दे।
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