एस. पी. सक्सेना/बोकारो। गोपनीय शाखा कार्यालय कक्ष में 6 अक्टूबर को बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने नगर निगम चास एवं नगर परिषद फुसरों के विभिन्न विकास एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर नगर आयुक्त चास संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद फुसरो के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में उपायुक्त झा ने शहरी विकास, स्वच्छता, पेयजलापूर्ति एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अंचलाधिकारी चास को निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र में प्रस्तावित सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए अविलंब भूमि चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कार्यवाही में किसी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। पूर्व में, चिन्हित भूमि एसटीपी के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गरगा नदी में किसी भी परिस्थिति में शहर का गंदा पानी नहीं जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इस कार्य को एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाए, ताकि आने वाले समय में अन्य नगर निकाय/जिला भी इससे प्रेरणा ले सके।

उपायुक्त ने कहा कि गरगा नदी शहर की जीवन रेखा है, इसका संरक्षण हर रहिवासी की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी में गंदे नालों के बहाव को तुरंत रोका जाए और नदी तट को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कार्य करें कि आमजन गरगा नदी को देखने आए। यह हमारी पर्यावरणीय पहचान बने।
बैठक में उपायुक्त ने शहरी पेयजलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। साथ हीं इसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने फेज टू व् फेज थ्री पेयजलापूर्ति की प्रगति कार्य की समीक्षा की। उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर एवं बस स्टैंड निर्माण के लिए भी एक सप्ताह के भीतर उपयुक्त स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव जिला मुख्यालय को समर्पित करने को कहा, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि नगर निगम चास एवं नगर परिषद फुसरो को सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी वरीय पदाधिकारी स्वयं फील्ड निरीक्षण करें और सफाई कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें। कहा कि निगम/परिषद के कर्मी कम से कम एक घंटा प्रतिदिन फील्ड में कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी गंदगी दिखाई नहीं दे। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सड़क किनारे या दुकानों के सामने गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे दुकानदारों से जुर्माना वसूलें और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई निगम व् परिषद करें। शहर की स्वच्छता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा क्रम में उपायुक्त ने कहा कि आमजनों और अधिकारियों दोनों को माइंड सेट बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर निगम और नगर परिषद सूखा और गीला कचरा पृथक रूप से एकत्र एवं निष्पादित करने की व्यवस्था पर काम कर रहा है। इसके साथ ही, घरों से निकलने वाले पूजा सामग्री (निर्वाण) के पर्यावरण अनुकूल निस्तारण के लिए भी विशेष व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि अगरबत्ती निर्माण प्लांट जैसी पहल से न केवल पूजा सामग्री (निर्वाण) का सदुपयोग होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित होंगे। बैठक के समापन पर उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी जनहित के कार्यों में पारदर्शिता, गति और परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल सफाई नहीं, बल्कि ऐसा शहर बनाना है जो हर दृष्टि से पर्यावरणीय रूप से आदर्श हो।
बैठक में उपरोक्त के अलावा जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, नमामि गंगे के नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, नगर निगम चास के अधिकारी, नगर परिषद फुसरो के अधिकारी आदि उपस्थित थे।
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