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मंटू यादव हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल

प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। जन दबाब के बाद तेनुघाट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंटू यादव के हत्या मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मालूम हो कि दिए गए आश्वासन के अनुसार तेनुघाट पुलिस ने 24 घंटा के अंदर 3 अगस्त को दोनों फरार अभियुक्त दिवाकर कुमार और रंजीत कुमार को भी गिरफ्तार कर तेनुघाट जेल भेज दिया। एक अभियुक्त घनश्याम यादव को बीते 2 अगस्त को ही गिरफ्तारी कर जेल भेजा गया था। दर्ज एफआईआर के अनुसार जांच पड़ताल के बाद अबतक तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है।

ज्ञात हो कि बीते माह 19 जुलाई को बोकारो जिला के हद में घरवाटांड़ पंचायत अंतर्गत एक ही गांव के घनश्याम यादव और मंटू यादव के साथ किसी बात को लेकर घरवाटांड़ मंदिर के समीप झड़प हुई थी, वहां उपस्थित रहिवासियों द्वारा बीच बचाव कर दोनों पक्ष को अलग कर दिया गया था।

परन्तु, आरोपी घनश्याम यादव अपने दोनों पुत्रों और पत्नी के साथ मिलकर मंटू यादव के घर में घुस कर अचानक घर के सभी सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दिया गया। जिसके कारण मंटू यादव के सिर में चोट लग गया। दूसरे दिन घायल मंटू को सिर में चोट लग जाने के वजह से उलटी होने लगा, तब घर वालों ने मिल कर उसे रांची के अस्पताल ले गये थे। जहां इलाज के दौरान बीते 2 अगस्त के सुबह लगभग 9 बजे उसकी मौत हो गई।

मृतक मंटू के मौत की सूचना पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता चला गया। परिजनों द्वारा रांची से शव लाने के बाद शाम लगभग 5 बजे तेनुघाट ओपी गेट के पास शव रख दिया गया। साथ हीं आरोपियों की गिरफ्तारी का मांग की जाने लगी। दूसरी ओर तेनुघाट पुलिस ने मंटू की अस्पताल में मौत की सूचना मिलते ही आरोपी घनश्याम यादव को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर तेनुघाट जेल भेजा दिया था।

वहीं घनश्याम के दोनों पुत्र दिवाकर यादव और रंजीत यादव की गिरफ्तारी मांग को लेकर मृतक मंटू के शव को लेकर तेनुघाट ओपी के समक्ष धरना प्रदर्शन पर परिजन एवं ग्रामीण बैठ गए थे। तीन घंटा तक ओपी का घेराव कर रोड जाम रखा गया था। पेटरवार बीडीओ संतोष कुमार महतो, सीओ अशोक राम, गोमिया बीडीओ महादेव महतो, सीओ आफताब आलम, पेटरवार थाना प्रभारी राजू कुमार मुंडा, कथारा ओपी प्रभारी, गोमिया थाना प्रभारी रवि कुमार, आईईएल थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार महतो, तेनुघाट ओपी प्रभारी छटन महतो सहित उपस्थित पदाधिकारियों के आश्वाशन पर शव को देर रात्रि हटा कर जाम हटाया गया था।

ज्ञात हो कि, मृतक मंटू के परिवार में समझदार व् भरन पोषण करने वाला कोई नहीं रहा। वह अपने पीछे बुजुर्ग माता लालिया देवी, पत्नी बबीता देवी के अलावा तीन पुत्री और एक पुत्र छोड़ गए। घर परिवार व् पूरा मोहल्ला वासियों का रो रोकर बुरा हाल है।

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