प्रहरी संवाददाता/रांची (झारखंड)। झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार सह आजाद सिपाही के संपादक हरिनारायण सिंह का 3 अगस्त को निधन हो गया। वे पिछले 10 महीने से लंग्स कैंसर से ग्रसित थे। मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। झारखंड की राजधानी रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
उनके निधन पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, सीएम हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, धनबाद के पुर्व सांसद पी एन सिंह, बेरमो विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनुप सिंह समेत सैकड़ो आम व् खास ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
वरिष्ठ पत्रकार सह संपादक हरिनारायण सिंह के निधन पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। उन्होंने अपने दीर्घ पत्रकारिता जीवन में निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ समाज और राज्य की सेवा की। शोकाकुल परिजनों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त की है। कहा कि ईश्वर उन्हें यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
झारखंड के मुख्यमंत्री (सीएम) हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह के निधन का दु:खद समाचार मिला। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दुःख की यह विषम घड़ी सहन करने की शक्ति दें।
नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह के निधन की सूचना से अत्यंत व्यथित हूँ। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से दशकों तक समाज की सेवा की है। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति दें।
ज्ञात हो कि, दिवंगत सिंह ने पत्रकारिता की शुरुआत रविवार राष्ट्रीय मैगजीन से की थी। वे वर्ष 1988 में रांची से शुरुआत करनेवाले समाचार पत्र प्रभात खबर का लॉचिंग में अहम भूमिका का निर्वाह की थी। वर्ष 2002 में दैनिक हिंदुस्तान के रांची संस्करण में स्थानीय संपादक के रूप में अपना योगदान दिए थे।
लगभग सात वर्षों तक कड़ी मेहनत से उन्होंने हिन्दुस्तान अखबार को एक अच्छा मुकाम देने में उनकी अहम भागीदारी थी। वर्ष 2009 में न्यूज 11 टीवी चैनल में, खबर मंत्र, सन्मार्ग के बाद वर्ष 2013 से अपना अखबार आजाद सिपाही प्रकाशित करने लगे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर देखी जा रही है।
![]()













Leave a Reply