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पीएम उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त कनेक्शन की स्वीकृत

दस करोड़ से अधिक परिवार को स्वच्छ खाना पकाने के विकल्प व् वायु प्रदूषण में कमी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। भारत सरकार ने 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत एलपीजी कनेक्शन देने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती ईंधन देने का प्रयास जो भारत सरकार की है इसे और किफायती प्रदान करता है।

उक्त जानकारी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के मुख्य महाप्रबंधक सह राज्य प्रमुख सौरभ चंद्रा ने 9 जनवरी को दी। आईओसीएल मुख्य महाप्रबंधक चंद्रा ने बोकारो परिसदन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पीएमयूवाई की शुरुआत मई, 2016 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश भर के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को जमा-मुक्त (डिपाजिट फ्री) एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना था। इसके तहत अब तक, इस योजना के तहत 10.33 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। साथ ही इस विस्तार से महिला सशक्तिकरण, बेहतर स्वास्थ्य परिणामों और एलपीजी तक पहुंच के माध्यम से घरेलू परिश्रम को कम करने का सरकार के दृष्टिकोण को और मजबूत करता है।

मौके पर आईओसीएल (वी. प्र.) महाप्रबंधक (सीसी, पी एवं समन्वय) बिहार बीणा कुमारी सहित अन्य उपस्थित थे।
मुख्य महाप्रबंधक सह राज्य प्रमुख चंद्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने देश के 10 करोड़ से अधिक परिवारों में बदलाव लाया है, जिससे उन्हें स्वच्छ खाना पकाने के विकल्प मिले हैं और घरेलू वायु प्रदूषण के जोखिम में कमी आई है। उन्होंने बताया कि पीएमयूवाई लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन मिलेगा, जिसमें जमा-मुक्त सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा होस, डीजीसीसी (घरेलू गैस उपभोक्ता कार्ड) और प्रशासनिक शुल्क शामिल हैं।

कहा कि लाभार्थियों के बीच एलपीजी की खपत लगातार बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह 4.47 रिफिल प्रति वर्ष है, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 में 3.01 थी। इसके अलावा, तेल विपणन कंपनियां इस विस्तार के तहत नामांकित होने वाले सभी लाभार्थियों को एलपीजी स्टोव और पहली रिफिल मुफ्त प्रदान करेंगी।

बताया गया कि गरीब परिवारों की वे वयस्क महिलाएं, जिनके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर (परिवार संरचना रिकॉर्ड के अनुसार) कोई मौजूदा एलपीजी कनेक्शन नहीं है एवं पात्रता वंचना घोषणा पर आधारित है, जिसे बाद में जिला उज्ज्वला समिति द्वारा सत्यापित किया जाता है लाभुक हो सकते है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज में केवाईसी आवेदन पत्र (सभी एलपीजी वितरकों के पास उपलब्ध) पासपोर्ट आकार की फोटो के साथ, पते का प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या राज्य सरकार द्वारा जारी कोई अन्य दस्तावेज, आधार नंबर एवं सदस्यों का आधार नंबर सहित बैंक खाता का डीटेल एवं घोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। खास यह कि प्रवासी आवेदकों के लिए, पते के प्रमाण और परिवार संरचना प्रमाण के स्थान पर एक स्व-घोषणा पत्र जमा किया जा सकता है।

बताया गया कि किसी भी एलपीजी वितरक के पास जाएं या pmuy.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें एवं अपने नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन करें। कहा गया कि पीएमयूवाई के लाभार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार 14.2 किलोग्राम सिंगल सिलिंडर, 5 किग्रा सिंगल बोतल, या 5 किग्रा डबल सिलिंडर कनेक्शन का विकल्प चुन सकते हैं। पीएमयूवाई के तहत आवेदन करने के लिए जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। साथ ही कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य है। इसके साथ ही प्रवासी परिवारों को पीएमयूवाई के तहत एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने की अनुमति देने वाले विशेष प्रावधान को इस 25 लाख के विस्तार के तहत भी आगे बढ़ाया गया है।

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