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श्रद्धा व् भक्ति के साथ कथारा में ठाकुर अनुकूलचंद्र का 138वां जन्मोत्सव आयोजित

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 मार्च को बोकारो जिला के हद में कथारा मोड़ दुर्गा मंदिर परिसर में अनुकूल चंद्र सत्संग व अधिवेशन केंद्र द्वारा आध्यात्मिक गुरु ठाकुर अनुकूल चन्द्र का 138वां जन्मोत्सव भाव-भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अनुयायियों ने भाग लेकर सत्संग, कीर्तन और भजन के माध्यम से उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी रही।
इस अवसर पर झारखंड के डाल्टेनगंज से धर्मेंद्र नारायण, बोकारो से के.के.एल, तेनुघाट से भजन हेंब्रम, जैनामोड़ से रामनाथ सहित कई प्रमुख अनुयायी उपस्थित रहे।

इसके अलावा ठाकुर के परम अनुयायी कथारा रहिवासी चंद्रशेखर कुंवर, मणिलाल सिंह, जारंगडीह रहिवासी रामबृक्ष प्रसाद, नवल किशोर, शंभू प्रसाद, पल्लव साध्य, संजय सहित अन्य सेवाधारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर अधिवेशन केंद्र में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सत्संग से जुड़े सैकड़ों सेवाधारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और पूरे आयोजन को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ठाकुर अनुकूल चंद्र महाराज एक महान आध्यात्मिक गुरु, समाज सुधारक और होम्योपैथिक चिकित्सक थे।

उनका जन्म 14 सितंबर 1888 को वर्तमान में (बंगलदेश के पबना जिला) में हुआ था। उन्होंने सत्संग की स्थापना कर समाज में आध्यात्मिक जागरण, प्रेम, शांति और सद्भावना का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से भी आमजनों की सेवा की और जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की।

वक्ताओं ने कहा कि ठाकुर अनुकूल चंद्र महाराज का जीवन समाज सेवा, मानवता और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनके अनुयायी हर वर्ष उनके जन्मोत्सव को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाकर उनके आदर्शों को याद करते हैं। उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सत्संग आयोजन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारे (आनंद बाजार) की व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालूजन सहित क्षेत्र के रहिवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान अधिवेशन केंद्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

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