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पुन्दाग के राधा कृष्ण मंदिर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई राधा अष्टमी

श्रीकृष्ण की महिमा असीम, अनंत प्रेम, ज्ञान व् कर्म का अद्भुत संगम-राजूअग्रवाल

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित पुन्दाग के राधा कृष्ण मंदिर में 19 सितंबर को राधा अष्टमी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष बैठकर भजन-कीर्तन किया। भगवान श्रीकृष्णा के जयकारे लगाए। दर्जनों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्णा के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद मांगा।

इस अवसर पर भक्तों ने लगभग दो दर्जन भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। भक्त ताली बजा नाचते, गाते एवं जयकारे लगाते दिखे। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।

पुंदाग के राधे कृष्ण मंदिर के पुजारी अरविन्द कुमार एवं भगवान श्रीकृष्ण भक्त राजू अग्रवाल के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। श्रीकृष्ण भक्त सह मंदिर के उपाध्यक्ष राजू अग्रवाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की महिमा असीम, अनंत प्रेम, ज्ञान तथा कर्म का अद्भुत संगम है। कृष्ण मंदिर के पुजारी अरविन्द कुमार ने बताया कि श्रीकृष्ण केवल एक देवता नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक है।

मौके पर राधा कृष्ण मंदिर के वरीय सदस्यों मे अध्यक्ष डंगुरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जलान, राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज कुमार चौधरी, अरविन्द कुमार अग्रवाल, अंजनी अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश भगत, पवन पोद्दार, कोषाध्यक्ष सज्जन पांडिया के अतिरिक्त खास जनों में नन्द किशोर चौधरी, सुरेश चौधरी, पवन अग्रवाल, पुरणमल सराथ, ज्ञान प्रकाश शर्मा, विष्णु सोनी, विद्या देवी अग्रवाल, विमला जलान, संतोष देवी अग्रवाल, शोभा जलान, सरिता अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, शकुंतला केजरीवाल, रामा डोगानिया, ललिता अग्रवाल, उषा मोदी, नन्द राणी पाठक, रेखा पोद्दार, शीला मुरारका, रिंकू जलान, आशा सिंह, आशा मिश्रा, परमिला पुरोहित, सुनीता देवी, कविता गाडोदिया, उर्मिला पाड़िया व अन्य कई शामिल दिखे।

मौके पर प्रसाद रूप खिचड़ी भोग एवं मिष्ठान भोग श्रद्धालुओं को प्रदान की गई। बताया जाता है कि पुंदाग स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर झारखंड राज्य मे सबसे बड़ा तथा पूरे भारत में तीसरे स्थान का लोकप्रिय मंदिर है।मंदिर में कांच (मिरर) की अद्भुत कारीगरी विशेष आकर्षण का केंद्र है।

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