Advertisement

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर रिटायर्ड पुलिसकर्मी से 71 लाख की ठगी

नकली ATS और NIA अधिकारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर लूटा असली को

नासिक/मुंबई। नासिक में साइबर अपराधियों ने एक 68 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर कथित तौर पर 71 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताकर पीड़ित को आतंकवाद से जुड़े मामले और 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित महाराष्ट्र पुलिस में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। मामले में नासिक साइबर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आधार कार्ड का आतंकवादी कनेक्शन बताकर डराया

पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत 28 सितंबर को हुई। एक महिला ने फोन कर खुद को मुंबई ATS मुख्यालय की इंस्पेक्टर सीमा रॉय बताया। उसने पीड़ित से पूछा कि क्या वह कभी कश्मीर गए हैं। पीड़ित के इनकार करने पर महिला ने दावा किया कि कश्मीर में गिरफ्तार एक आतंकवादी के पास उनका आधार कार्ड मिला है। इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को विक्रम सिंह बताते हुए पुलिस की वर्दी में बात की। उसने दावा किया कि पीड़ित के आधार कार्ड का इस्तेमाल बैंक खाता खोलने और 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया है। आरोपियों ने गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की धमकी देकर उन्हें भयभीत कर दिया।

3 किस्तों में ट्रांसफर कराए 71 लाख रुपये

आरोपियों ने 28 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पीड़ित पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने और दूसरों से इस मामले में बातचीत नहीं करने को कहा गया। साथ ही उनकी बचत, बैंक खातों और निवेश से संबंधित जानकारी हासिल की गई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने 5 अक्टूबर को 41 लाख रुपये, 8 अक्टूबर को 25 लाख रुपये और 13 अक्टूबर को 5 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 71 लाख रुपये की ठगी हुई। अंतिम भुगतान के बाद आरोपियों ने संपर्क करना बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

पीड़ित ने 17 अक्टूबर को नासिक सिटी साइबर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित बैंक खातों की जानकारी मांगी है। जांच एजेंसियां आरोपियों की पहचान, रकम के लेन-देन और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि फोन या वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, ATS, NIA अथवा अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर धमकाने वालों पर भरोसा न करें। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा वीडियो कॉल पर तथाकथित डिजिटल अरेस्ट करके पैसे ट्रांसफर कराने की मांग को गंभीर चेतावनी मानें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Tegs: #Retired police officer swindled out of ₹71 lakh through ‘digital arrest’ threat

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *