स्मृति स्थल धोबनी में श्रद्धांजलि सभा, कुरीतियों के खिलाफ योगदान को किया याद
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। अर्जुन चन्द्र रजवार स्मारक समिति धोबनी के सौजन्य से 4 सितंबर को बोकारो जिला के हद में चास प्रखंड के बाधाडीह पंचायत के प्रथम मुखिया सह सेवानिवृत्त शिक्षक स्वर्गीय अर्जुन चन्द्र रजवार की 8वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर धोबनी स्थित स्वर्गीय रजवार स्मृति स्थल पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रजवार समाज सुधार समिति के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष सह चंदनकियारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी जगन्नाथ रजवार ने की, जबकि संचालन जेएलकेएम नेता झारु रजवार ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जगन्नाथ रजवार ने कहा कि स्व. अर्जुन चन्द्र रजवार का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए उन्होंने वर्ष 1961 में रामरुद्र उच्च विद्यालय चास से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद चंदनकियारी के प्राथमिक विद्यालय नवाडीह में सहायक शिक्षक के रूप में अपनी पहली सेवा शुरू की।
बाद में वे अपने पैतृक गांव धोबनी के प्राथमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कहा कि स्व. रजवार केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के लिए समर्पित व्यक्तित्व थे। वर्ष 1980 में रजवार समाज सुधार समिति की स्थापना में संस्थापक सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज की प्रतापपुर शाखा समिति के प्रथम अध्यक्ष बने। समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया। उनके अथक प्रयासों से समाज में जागरूकता बढ़ी और सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद जब झारखंड राज्य में पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ और बाधाडीह पंचायत का अस्तित्व सामने आया, तब स्व. अर्जुन चन्द्र रजवार बाधाडीह पंचायत के प्रथम मुखिया बने। उन्होंने अपने कार्यकाल में ग्रामीणों की समस्याओं को समझने और पंचायत के विकास के लिए कार्य करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि स्व. रजवार का जीवन संघर्ष, सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुधार का प्रेरणास्रोत है। भयमुक्त और कुरीति मुक्त समाज के निर्माण के लिए उनके विचारों को आत्मसात करने तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे जेएलकेएम नेता झारु रजवार ने कहा कि स्वर्गीय रजवार ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को समाज की मजबूती का आधार माना। उन्होंने अपना जीवन समाज और आम जनों की सेवा के लिए समर्पित किया। आज की पीढ़ी को उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान से सीख लेने की जरूरत है। इस अवसर पर दुर्गा चरण महतो ने कहा कि स्वर्गीय अर्जुन चन्द्र रजवार का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दिया। बलराम रजवार ने कहा कि उन्होंने समाज को एकजुट करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का काम किया।
उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। गौरी नाथ रजवार ने कहा कि स्वर्गीय रजवार की सामाजिक सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। मंतोष रजवार ने कहा कि उन्होंने समाज के कमजोर और जरूरतमंदो के लिए हमेशा आवाज उठाई। उनका जीवन संघर्ष और सेवा का उदाहरण है। मनोज बाउरी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के साथ सामाजिक सुधार के लिए किए गए प्रयास भी यादगार हैं।
रंजीत रजवार ने कहा कि स्वर्गीय अर्जुन चन्द्र रजवार ने समाज को सही दिशा देने का प्रयास किया। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
मौके पर सुभाष रजवार, बिशन मोदी कोड़ा, मनसु रजवार, गोपाल रजवार, रामु महतो, रुपेश कुमार महतो, पवन रजवार आदि ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर स्वर्गीय अर्जुन चन्द्र रजवार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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