राष्ट्रीय लोक अदालत में ₹1567.25 करोड़ के विवाद का निपटारा
प्रहरी संवाददाता/धनबाद (झारखंड)। झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर धनबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बीसीसीएल सामुदायिक भवन कोयला नगर धनबाद में 12 सितंबर को एक दिवसीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। जिनके द्वारा विभिन्न तरह के विवादों का ऑन स्पॉट निस्तारण कर कुल 15 अरब 67 करोड़ 25 लाख 20 हजार दो सौ पंद्रह रुपये के विवादों का निपटारा किया गया। वहीं एक अरब 66 करोड़ 34 लाख 63 हजार रुपए की परिसंपत्तियों व नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। जबकि एक लाख 63 हजार 441 विवादों का ऑन स्पॉट निष्पादन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद नालसा का थीम सोंग, जिन्दुदुरिया झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के उप सचिव अभिषेक कुमार द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। वहीं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनबाद ननिकेश कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को कैसे जन जन तक पहुंचाया जाए, यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। हमें जिला प्रशासन तथा बीसीसीएल प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर सभी कामों को अंजाम तक पहुंचाना है। बच्चों को शिक्षित करना आज की आवश्यकता है। जिला प्रशासन को इस ओर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा हमारे देश के भविष्य हैं, उन्हें नशे की चपेट में आने से रोकना होगा। नशा से एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा समाज प्रभावित होता है। आमजनों को नशे के दूष्परिणामों के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता है। हम सबों का यह सामाजिक दायित्व है कि हम अपने समाज के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। हमे अनावश्यक विवादों से बचना चाहिए।
कहा कि कोवीड 19 एक भयावह त्रासदी थी जिसे शब्दों में तो व्यक्त नहीं किया जा सकता। उस त्रासदी में अनेक मासूम बच्चों ने अपने माता पिता अथवा अपने परिवार के अभिभावक को खो दिया था। ऐसे संवेदनशील समय में झालसा ने उन बच्चों के लिए प्रोजेक्ट शिशु शुरू किया, उनका हाथ थामा और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बीसीसीएल के सहयोग से उन्हें जोड़ा जा रहा है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि मुआवजा का अर्थ केवल यह नहीं कि उन्हें रुपए का भुगतान कर दिया जाए। मुआवजा का अर्थ यह भी है कि सामाजिक सुरक्षा के तहत उनके परिवार के जीवन यापन और उन्हें रहने के लिए छत की व्यवस्था करना है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति नारायण ने कहा कि आज लगभग दस करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण लाभुकों के बीच किया गया है।
कोविड काल में अनाथ हुए 62 बच्चों को झालसा के शिशु योजना के तहत बीसीसीएल द्वारा सीएसआर स्कीम के तहत स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिया गया। इसके तहत बच्चों को 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक की छात्रवृत्ति प्रत्येक वर्ष प्रदान की जायेगी।
वहीं डॉ श्याम सुंदर शाह अपने परिवार के साथ कार से अपने घर जा रहे थे कि डीआरएम ऑफिस के नजदीक एक ट्रक ने उन्हें धक्का मार दिया, जिसमें डॉ शाह की पत्नी गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी, जबकि डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई थी। डालसा के प्रयास से डॉक्टर शाह की पत्नी माया प्रसाद को जेनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा एक करोड़ 41 लाख 33 हजार 932 रुपए का मुआवजा राशि का भुगतान किया गया। जिसमें अधिवक्ता बीके सिन्हा की अहम भूमिका रही। वहीं स्कूटी से घर लौटने के क्रम में शमीमा बानो को ट्रक ने धक्का मार दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी, डालसा ने इस मामले में हस्तक्षेप कर टाटा एआईजी जेनरल इंश्योरेंस कंपनी से शमीमा के पति इमरान अंसारी को मुआवजा के रूप में 93 लाख 24 हजार 295 रूपए का मुआवजा दिलवाया।
दिव्यांग पूनम कुमारी एवं रितिक राज को पढ़ाई के लिए एआई विजन ग्लास से लैस अति आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए। हाथियों द्वारा फसल व घर को बर्बाद किए जाने से प्रभावित 19 लाभुको के बीच 8 लाख 32 हजार 848 रुपए का वितरण किया गया। भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले में पप्पू पासवान को 2 करोड़ 9 लाख 42 हजार 211 रुपए की राशि का भुगतान कराया गया। वहीं हिमांशु गौतम को 10 लाख 23 हज़ार 443 रुपए की राशि का भुगतान कराया गया। 84 लाभुक समूह के बीच चार करोड़ 20 लाख रुपए की राशि का भुगतान कराया गया। 122 जनों के समूह को एक करोड़ 83 लाख रुपए का भुगतान कराया गया।
कल्याणी महतो व करमचंद किस्कू को सोलर पंप, संजय कुमार मरांडी, मैनेजर हांसदा को पक्का मकान, 286 लाभुकों के बीच साइकिल सहायता योजना के तहत 20 लाख 2 हजार का भुगतान कराया गया। 1080 असंगठित मजदूरों के बीच 54 हजार की सहायता राशि का वितरण किया गया। असंगठित कामगार मृत्यु दुर्घटना रिलीफ स्कीम के तहत 17 लाभुकों के बीच 8 लाख 50 हजार की राशि का वितरण किया गया, जबकि 50 लाभुकों के बीच सहीया किट का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जेएसएलपीएस, राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गोविंदपुर, डीएवी पब्लिक स्कूल कुसुंडा एवं अशर्फी इंस्टीट्यूट आफ लीगल एजुकेशन धनबाद को सम्मानित किया गया। मौके पर उपस्थित लाभुकों ने कहा कि वे सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाकर थक गए थे। डालसा ने उन्हें न्याय दिलाया।
मौके पर झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के उप सचिव अभिषेक कुमार, धनबाद जिला उपायुक्त आदित्य रंजन, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, बीसीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल ऑपरेशन संजय कुमार सिंह, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन संतोष कुमार यादव, ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब, सीटी एसपी रितिक श्रीवास्तव, डीएसपी रोहित कुमार, सिम्फार के प्रोफेसर डॉ अरविंद कुमार मिश्रा, आईएसएम के डायरेक्टर प्रोफेसर सुकुमार मिश्रा, एनएमएमसीएच के सुपरिटेंडेंट दिनेश कुमार गिंडोरिया, सिविल सर्जन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारस कुमार सिन्हा, मनीष रंजन, मधुरेश कुमार वर्मा, डी सी अवस्थी, विजय कुमार श्रीवास्तव, साकेत कुमार, राकेश कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बी के लाल, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पी एस घोष, आदि।
सिविल जज निर्मला बारला, ऋषि कुमार, अनामिका कच्छप, एमपी लकड़ा, नूतन एक्का, सृष्टि घई, एसडीजेएम अभिजीत पांडेय, रेलवे जेएम मनोज कुमार, डीएफओ धनबाद विकास पालिवाल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, महासचिव जीतेंद्र कुमार, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक कांउसिल सुमन पाठक, शैलेंद्र झा, नीरज गोयल, कन्हैयालाल ठाकुर, स्वाति कुमारी, पैरा लीगल वालंटियर मुस्कान चोपड़ा, मेडिएटर समेत सैकड़ों गणमान्य उपस्थित थे।
![]()













Leave a Reply