एस. पी. सक्सेना/बोकारो। जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो द्वारा 19 सितंबर को न्याय सदन, बोकारो में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जानकारी के अनुसार झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के गतिविधि कैलेंडर (एक्टिविटी कैलेंडर) के आलोक में तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो अनिल कुमार मिश्रा के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो द्वारा 19 सितंबर को अपराह्न एक बजे न्याय सदन बोकारो में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य मोटर दुर्घटना दावा मामलों के त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित निष्पादन हेतु सभी संबंधित हितधारकों को संवेदनशील बनाना तथा उनके मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
कार्यशाला जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो के सचिव अरुण कुमार दुबे की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यशाला में अधिवक्ता डी. के. मिश्रा एवं अजय कुमार झा, अधिवक्ता जिला बार एसोसिएशन बोकारो द्वारा रिसोर्स पर्सन के रूप में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित विधिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
कार्यशाला में पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), पुलिस उपाधीक्षक (नगर), बोकारो, मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई), मुख्य लीगल एड डिफेंस काउंसिल (चीफ एलएडीसी), विभिन्न थाना प्रभारीगण, अन्य पुलिस पदाधिकारीगण, विभिन्न बीमा कंपनियों के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, मध्यस्थ (मीडिएटर्स), अन्य लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, पारा लीगल वॉलेन्टियर (पीएलविएस) तथा अन्य संबंधित हितधारकों ने सहभागिता की।
कार्यशाला के दौरान मोटर दुर्घटना दावा मामलों में दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को शीघ्र एवं उचित प्रतिकर उपलब्ध कराने, दुर्घटना सूचना प्रतिवेदन (डीएआर) की महत्ता, पुलिस, परिवहन विभाग, चिकित्सकीय प्राधिकारियों एवं बीमा कंपनियों की भूमिका, आवश्यक अभिलेखों के समयबद्ध संकलन तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने के विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
संसाधन दावेदारों द्वारा मोटर वाहन अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की कार्यप्रणाली, उच्चतम न्यायालय एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा समय-समय पर पारित दिशा-निर्देशों तथा दावा वादों के त्वरित निस्तारण हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो ने मोटर दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके परिजनों को समयबद्ध न्याय और प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग, चिकित्सकीय अधिकारियों, बीमा कंपनियों, अधिवक्ताओं एवं विधिक सेवा संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से ही दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र प्रतिकर उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों द्वारा मोटर दुर्घटना दावा मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन हेतु आपसी सहयोग एवं समन्वय बनाए रखने के संकल्प के साथ किया गया। उक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार बोकारो के सचिव अरुण कुमार दुबे ने दी।
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