अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित श्रीराधा-कृष्ण मंदिर के तत्वावधान में 12 सितंबर को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का षष्ठम दिवस अत्यंत भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हो गया।
उत्तर प्रदेश के वृन्दावन धाम से पधारे प्रख्यात कथा प्रवक्ता, भागवत रत्न आचार्य श्रीसुमन्त कृष्ण शास्त्री उर्फ कन्हैयाजी महाराज ने छठे दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला पर अत्यंत गम्भीरता से प्रकाश डाला। कन्हैयाजी महाराज ने कहा कि महारास लीला जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का अत्यंत गूढ़ और समझने योग्य प्रसंग है। जिनका रोम-रोम भगवत्-चिंतन में डूबा रहता है, वही सच्ची गोपी है। जिनका हर पल, हर क्षण श्रीकृष्ण के चिंतन में व्यतीत होता है, वही गोपी तत्व को प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा कि ईश्वर का अवतार दुष्टों के संहार और धर्म की स्थापना के लिए होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर पृथ्वी के भार को दूर किया। तत्पश्चात बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण और श्रीरुक्मिणीजी का दिव्य विवाहोत्सव सम्पन्न हुआ। पंडाल में उपस्थित हजारों भक्तों ने भगवान की बारात में सम्मिलित होकर आनंद प्राप्त किया। इस अवसर पर सभी भक्तों के हृदय में अपार उत्साह देखने को मिला। आज के यजमान बिहार की राजधानी पटना के ठेकेदार नरेश प्रसाद सिंह एवं राकेश कुमार रहे।

इस अवसर पर सतीश द्विवेदी, संजय सिंह, भाजपा सोनपुर नगर अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह बबलू, लालबाबू कुशवाहा, मानवेंद्र कुमार सिंह, नरेश सिंह, धनंजय सिंह, श्रीदर्श कन्हैया, रंगेश कुमार, बैद्यनाथ सिंह, आदित्य पुष्प, दिलीप कुमार झा, अमित कुमार सिंह सहित हजारों भक्तों ने कथा श्रवण किया। कथा के अंत में सभी भक्तों ने ठेकेदार नरेश प्रसाद सिंह के सौजन्य से उपलब्ध महाप्रसाद को ग्रहण किया।
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