लातेहार के 23 गांवों में 37 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा आधुनिक चिकित्सा लाभ
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत झारखंड के दूरस्थ एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीसीएल की बहुप्रशंसित स्वास्थ्य पहल उपचार आपके द्वार के तहत चौथे मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) का शुभारंभ 18 मई को किया गया।
सीसीएल मुख्यालय रांची के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र द्वारा उपचार आपके द्वार स्वास्थ्य रथ (एम्बुलेंस) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (सीएसआर) सिद्धार्थ शंकर लाल सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में सीसीएल मुख्यालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जनसंपर्क विभाग के अनुसार यह पहल सीसीएल की उस सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण था, जिसके माध्यम से कंपनी खनन क्षेत्रों के आसपास बसे ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कहा गया कि वर्षों से सीसीएल अपने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम के माध्यम से दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक जरूरतमंदो को उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराता रहा है।
इसी सेवा भाव को और व्यापक स्वरूप देते हुए उपचार आपके द्वार योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचाया जा रहा है।
बताया गया कि इससे पूर्व सीसीएल द्वारा आम्रपाली-चन्द्रगुप्त परियोजना के आसपास चतरा एवं लातेहार जिले के 33 गांवों में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट तथा हजारीबाग क्षेत्र के कोटरे-बसंतपुर परियोजना के 20 गांवों में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इन पहलों को ग्रामीणों से मिले सकारात्मक सहयोग और प्रभावशाली परिणामों ने इस अभियान को और विस्तारित करने की प्रेरणा दी है।
बताया गया कि 18 मई को नव उद्घाटित चौथा मोबाइल मेडिकल यूनिट सीसीएल के मगध-संघमित्रा क्षेत्र अंतर्गत लातेहार जिला के हद में बारीयातु एवं बालूमाथ प्रखंड के 23 गांवों में आगामी दो वर्षों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इस परियोजना से लगभग 37,000 ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे, जिनमें परियोजना प्रभावित परिवार भी शामिल हैं। कहा गया कि खनन परियोजना के समीप स्थित गणेशपुर पंचायत के आरा-चमातू तथा अमरवाडीह पंचायत के फुलबसिया, बनलात एवं बनवार जैसे गांव भी इस पहल के दायरे में आएंगे।
ज्ञात हो कि यह मोबाइल मेडिकल यूनिट आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें सामान्य ओपीडी सेवा, निःशुल्क दवा वितरण, मधुमेह जांच, सीबीसी एवं सामान्य रक्त जांच, टीबी जांच हेतु आरटी-पीसीआर सुविधा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित पोर्टेबल एक्स-रे तथा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डॉक्टर, नर्स एवं कम्युनिटी मोबिलाइजर की टीम के साथ यह यूनिट सप्ताह में छह दिन विभिन्न गांवों का रोटेशन के आधार पर भ्रमण करेगी, ताकि ग्रामीण रहिवासियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उनके निकट उपलब्ध हो सके।

जनसंपर्क विभाग के अनुसार सीसीएल के उच्च प्रबंधन की यह पहल केवल उपचार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करना तथा टीबी मुक्त भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत सहयोग प्रदान करना भी है। आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय से यह पहल उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का माध्यम बन रही है, जहां अब तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित रही है।
कहा गया कि सीसीएल अपने सीएसआर प्रयासों के माध्यम से सदैव समावेशी विकास, समुदाय कल्याण एवं हितधारकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उपचार आपके द्वार जैसी पहल इस प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं तथा यह दर्शाती हैं कि सीसीएल केवल ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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