ममता सिन्हा/तेनुघाट(बोकारो)। व्यवहार न्यायालय तेनुघाट (Tenughat) के विधिक प्राधिकार समिति द्वारा 10 फरवरी को कानूनी जागरूकता शिविर कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च विद्यालय पेटरवार (Kasturba Gandhi Balika Uchcha Vidyalaya Patarkar) तथा गोमियां में लगाया गया। जिसमें पांच प्रशिक्षु न्यायिक दंडाधिकारी परिधि शर्मा, प्रशांत गुप्ता, मीनाक्षी वर्मा, अमित आकाश सिन्हा एवं श्वेता सोनी ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

शिविर में न्यायिक पदाधिकारियों ने विद्यालय के छात्राओं को कई कानूनी जानकारियां दी। जिसमें परिधि शर्मा ने कहा कि वर्तमान युग में लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने की आवश्यकता है। शिक्षा से ही सारे समस्याओं का समाधान हो सकता है। वही प्रशांत गुप्ता ने कहा कि भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार दिए गए हैं। जिसमें 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। मीनाक्षी वर्मा ने कहा कि अंधविश्वास में लोग समाज में बूढ़ी औरतों को डायन कहकर प्रताड़ित करते हैं। डायन कहना या प्रताड़ित करना एक अपराधिक मामला है। ऐसा करने वालों को न्यायालय विधि सम्मत कार्रवाई करती है। अमित आकाश सिन्हा ने कहा कि महिलाओं को समाज में जीने के लिए सरकार ने क्या योजनाएं बनाई है। साथ हीं महिलाओं के लिए कई कानून बनाए गए हैं। घरेलू हिंसा के अंतर्गत किसी भी महिला को उसके परिवार के लोग अगर प्रताड़ित करते हैं तो वह घरेलू हिंसा के दायरे में आता है। जिसमें सजा का भी प्रावधान है। इसके लिए भुक्तभोगी को सीडीपीओ के कार्यालय में दरखास्त देना होता है।
शिविर में श्वेता सोनी ने बताया कि दहेज समाज का कोढ़ है। दहेज के लिए कई शादियां टूट जाती हैं। दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनी अपराध है। इसलिए दहेज लेने देने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है। मौके पर अधिवक्ता सुभाष कटरियार, रितेश जयसवाल एवं विनोद कुमार गुप्ता ने भी अपने कानूनी राय छात्राओं को दी। इस अवसर पर दीपक चन्द्र गुप्ता, कनकलता सिन्हा, कृष्णा रजक, चन्द्रदेव मांझी, विद्यालय के शिक्षक एवं छात्राएं मौजूद थे। मंच संचालन अधिवक्ता हरिशंकर प्रसाद तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने किया। उक्त शिविर बोकारो जिला जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव एवं अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम संजीत कुमार चंद्र के दिशा निर्देश पर किया गया।
![]()












Leave a Reply