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शहीद कैलाश रजवार के 46वें शहादत दिवस पर आंदोलन बढ़ाने का संकल्प

गर्री से बाजारटांड़ तक श्रद्धांजलि जुलूस, शहीद वेदी पर पुष्प अर्पण

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड आंदोलन के शहीद स्व. कैलाश रजवार का 46वां शहादत दिवस 11 सितंबर को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के बाजारटांड़ में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने झारखंड अलग राज्य के गठन के लिए किए गए संघर्ष और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनकी विरासत और विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम की शुरुआत गर्री स्थित स्व. कैलाश रजवार के आवासीय परिसर में स्थापित शहीद वेदी पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद गर्री से श्रद्धांजलि जुलूस निकाला गया, जो बाजारटांड़ पहुंचा। यहां आयोजित सभा में अतिथियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर स्व. रजवार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद की पत्नी शांति देवी तथा उनके पुत्र सह झामुमो जिला कमेटी सदस्य सिकंदर कपरदार को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए झामुमो बोकारो जिला उपाध्यक्ष विनय कपूर ने कहा कि कैलाश रजवार झारखंड आंदोलन के संघर्षशील योद्धा थे। उनका बलिदान राज्य और समाज के हित में पूरी निष्ठा के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। शहीदों के संघर्ष और विचारों को आत्मसात कर झारखंड के विकास में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
कसमार प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी ने कहा कि शहीद कैलाश रजवार जैसे आंदोलनकारियों ने झारखंड की पहचान, अधिकार और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

उनके बलिदान की बदौलत आज हम अलग झारखंड राज्य में अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं। शहीदों की कुर्बानी को केवल शहादत दिवस तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उनके विचारों और संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाना होगा।

उन्होंने कहा कि शहीदों ने जिस झारखंड का सपना देखा था, उसमें हर गांव, हर गरीब, किसान, मजदूर और जरूरतमंद को सम्मान और विकास का समान अवसर मिले। आज हम सभी की जिम्मेदारी है कि आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बेहतर काम करें। कहा कि कैलाश रजवार के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी, जब हम उनके सपनों के झारखंड को मजबूत बनाने के लिए ईमानदारी से अपनी भूमिका निभाएंगे।

झामुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य जयनारायण महतो ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाने में कैलाश रजवार जैसे जुझारू आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी कुर्बानी को याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के इतिहास और उसके संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद शेरे आलम, दिलीप कुमार हेंब्रम, दीपक कुमार नायक, सुभाष चंद्र ठाकुर, सूरज जायसवाल आदि ने भी अपने विचार साझा की।

वहीं कार्यक्रम में झामुमो प्रखंड सचिव सोहेल अंसारी, माले नेता शकुर अंसारी, कृष्णा महतो, प्रकाश महतो, फारुख अंसारी, नरेश महतो, तनवीर आलम, कुलदीप करमाली, धनंजय स्वर्णकार, प्रिया देवी, नसरुल होदा, मोबीन अंसारी, आजाद, मुन्ना, मासूम अली रजा, हरेंद्र महतो, चित्तरंजन कपरदार, देवाशीष मुखर्जी, शेखावत अंसारी, संजू देवी, राजेंद्र मुर्मू, मंजू देवी, रमेश कपरदार, गणेश रजवार, गंगाधर महतो, मिथुन महतो, जानी बाबू, दिलीप गंझू, शिवनंदन महतो, सुरेश दे, सीताराम कपरदार, परमेश्वर कपरदार, प्रभा देवी, मीना देवी, तिलक रजवार, अंजना देवी, राशनी देवी, उमाशंकर कुमार, प्रवीण कुमार, रंजीत कपरदार, संजय प्रजापति, नरेंद्र कपरदार, धनंजय कपरदार, शास्त्री मुर्मू, राजेश टुड्डू, कैलाश टुड्डू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण रहिवासी तथा झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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