एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। लातेहार जिला के हद में चंदवा सीएचसी के डॉक्टर विहीन होने से चिंतित कामता के पंचायत समिति सदस्य (पंसस) अयुब खान ने राज्य के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, गांडेय विधायक तथा लातेहार डीसी को सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट कर स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। पंसस ने नए चिकित्सक की तत्काल नियुक्ति करने तथा ऐसा नहीं होने पर डॉक्टरों का तबादला तुरंत रद्द करने की मांग की है।
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन तथा लातेहार जिला उपायुक्त (डीसी) संदीप कुमार को सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट कर चंदवा सीएचसी के डॉक्टर वीहिन होने की ओर ध्यान खींचा। साथ हीं नए चिकित्सक की तत्काल नियुक्ति करने, ऐसा नहीं होने पर डॉक्टरों का तबादला रद्द करने की मांग की है।
पंसस खान ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की आठ पद स्वीकृत हैं, इसमें पांच डॉक्टर कार्यरत थे। कहा कि चंदवा सीएचसी पिछले कई वर्षों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रही थी। ईधर तीन चिकित्सकों यथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नीलिमा कुमारी, वरिय चिकित्सक डॉ मनोज कुमार, डॉ श्रेयांस शुभम का दुसरे जिले में तबादला हो गया। कहा कि डॉ तरूण जोस लकड़ा का देवघर में प्रतिनियुक्ति हो गया व वरिय चिकित्सक डॉ प्रकाश बड़ाईक का निधन हो गया।
जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि तीन डॉक्टर का स्थानांतरण दूसरे जिलों में कर दिया गया है, जबकि उनके स्थान पर अब तक किसी नए चिकित्सक की पदस्थापना नहीं की गई है। इससे सीएचसी सहित ग्रामीण क्षेत्रों की भी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
खान ने कहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले से ही चिकित्सकों की कमी थी। ऐसे में एक साथ तीन डॉक्टरों के तबादले से मरीजों को इलाज के लिए और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सीएचसी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ्य सेवा चरमरा जाने की आशंका है। उन्होंने बताया कि चंदवा मूलतः दुर्घटना जोन है। यहां प्रत्येक दिन दुर्घटना से गंभीर रूप से घायल मरीज स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। ऐसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नए चिकित्सक की पदस्थापना किया जाना अति आवश्यक है।
पंसस अयुब खान ने चिंता जताई है कि सीएचसी चंदवा में यदि शीघ्र ही नए चिकित्सकों की पदस्थापना नहीं हुई तो यहां ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं और नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो लाखों आम व् ख़ासजनों का जीवन खतरे में डालने जैसा होगा।
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