विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। देश के दूसरे राज्यों तथा विदेशो में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की समस्या से 9 जून को रूबरू हुए झारखंड आंदोलनकारी श्रमिक नेता इफ्तिखार महमूद।
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के दर्जनों प्रवासी मजदूरों ने श्रमिक नेता एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद से होसिर स्थित यूनियन कार्यालय में बैठक कर प्रवासी मजदूरों की समस्याओं जानकारी दी।
उपस्थित प्रवासी मजदूरों ने बताया कि बिना सुरक्षा उपकरण के काम करने के कारण प्रवासी मजदूरों की आयेदिन दुर्घटनाएं होते रहती है। नियोजकों द्वारा न तो सेफ्टी बेल्ट दिया जाता है और न ही सेफ्टी जूता दिया जाता है और बिना सेफ्टी के ऊंचाइयों पर मजदूरों से काम लिया जाता है। प्रवासी मजदूरों ने बताया कि सेफ्टी जूता और हैंड ग्लव्स यदि मिला होता तो 30 वर्षीय स्वर्गीय संजय सिंह (चित्रमो) की करंट लगने से मृत्यु नहीं हुई होती।
मजदूरों की बातों से रूबरू होने के बाद ठीकेदार मजदूर यूनियन के महासचिव एवं झारखंड आंदोलनकारी महमूद ने कहा कि झारखंड की सरकारो ने पलायन रोकने की घोषणाएं अवश्य करते रही है, किंतु इसे रोकने का कारगर उपाय नहीं किया जाता है। कहा कि राज्य गठन के बाद रोजगार के लिए पलायन में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। प्रवासन सर्वेक्षण के अनुसार झारखंड के 45.28 लाख रहिवासी रोजगार के लिए दूसरे राज्य तथा विदेश गये हैं।
महमूद ने कहा कि झारखंड राज्य की स्थापना के पूर्व सड़क या भवन निर्माण जैसे कार्यों के लिए गोमिया प्रखंड से कोई भी पलायन नहीं किया था, किंतु वर्ष 2005 के बाद सड़क और भवन निर्माण में काम करने के लिए बड़े पैमाने पर झारखंड के प्रवासी मजदूर पलायन कर गए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से झारखंड में मजदूरी दर काफी कम होने के कारण भी पलायन में वृद्धि होते जा रही है। प्रवासी मजदूरों में बीरालाल किस्कू, जयवीर महतो, हुकुमनाथ महतो आदि उपस्थित थे।
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