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मई दिवस के सपनों को रौंद रही केंद्र सरकार, काम के घंटे में बढ़ोतरी मंजूर नहीं-एक्टू

प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) द्वारा बीते एक मई को मजदूर दिवस का आयोजन किया गया। मई दिवस के अवसर पर बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के चलकरी स्थित बुधबाजार परिसर में मजदूर आंदोलन के अमर शहीदों को एक मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

ऐक्टू से जुड़े निर्माण मज़दूरों ने अपने हाथों में झंडे व् तख्तियां लेकर चार लेबर कोड को रद्द करो, मजदूर अधिकारों पर हमला नहीं सहेंगे, बारह घंटे काम का कानून नहीं चलेगा, नोएडा के मानेसर में गिरफ़्तार किए गए सभी मजदूरों को बिना शर्त रिहा करो, मई दिवस के अमर शहीदों को लाल सलाम के नारों के साथ चलकरी के बुधबाजार से शहीद चौक तक मज़दूर अधिकार रैली निकाली गई।

इस मौके पर आयोजित मजदूर अधिकार सभा को संबोधित करते हुए ऐक्टू के झारखंड प्रदेश सचिव कॉमरेड भुवनेश्वर केवट ने कहा कि मई दिवस 8 घंटे काम का लोकप्रिय आंदोलन था, जिसे लंबे संघर्ष और शिकागो में सैकड़ो शहादत से मजदूरों ने हासिल किया है। उन्होंने कहा कि आज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार चार लेबर कोड लागू कर मई दिवस के सपनों को ही रौंद रही है। कहा कि देश के कई राज्यों में काम के घंटे में बढ़ोत्तरी के खिलाफ उठा मजदूर प्रतिरोध एक चेतावनी है। केंद्र सरकार स्थिति की नजाकत को नहीं समझे तो अब शिकागो से नहीं, भारत से नए मजदूर आंदोलन का ज्वार सुलगेगा। जिसे रोक पाना केंद्र सरकार और कंपनियों के लिए संभव है।

मजदूर नेता चुनीलाल केवट ने कहा कि व्यापार में सुविधा के बजाय मजदूरों की सुविधा पर सरकार सोंचे, वरना इसी तरह मजदूरों के खून पसीने की कमाई लूटी जाती रही तो मजदूर चुप नहीं बैठेंगे। आयोजित अधिकार रैली सह सभा में मजदूर नेता बैजनाथ सिंह, रूपलाल केवट, नेपाल सिंह, लखन लाल नायक, मोहम्मद कुतुबुद्दीन, मकसूद आलम, मोबिन अंसारी, गुजर सिंह, इमामुद्दीन अंसारी, कमल मांझी, कार्तिक मुर्मू, कुंती देवी, विश्वनाथ रविदास, टेको रजवार आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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