रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के गर्री पंचायत में बीते 29 अप्रैल को एक बार फिर दहेज प्रथा के खिलाफ सराहनीय पहल देखने को मिली। यहां स्थानीय ग्रामीण रहिवासी उमेश कपरदार ने अपने दूसरे पुत्र सुखदेव उर्फ लखिन्द्र कपरदार का विवाह पूरी तरह दहेज मुक्त तरीके से संपन्न कर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जानकारी के अनुसार संपन्न इस विवाह में सुखदेव कपरदार का विवाह धनबाद जिला के हद में हरिहरपुर थाना गोमो क्षेत्र के ग्राम खरियो रहिवासी राजू रजवार की पुत्री साधुरी कुमारी के साथ बोकारो जिला के हद में जैनामोड़ स्थित मिश्रा साइड मंदिर में सादगीपूर्ण वातावरण में किया गया। इस दौरान बिना किसी लेन-देन के विवाह संपन्न कराया गया, जिसे उपस्थित रहिवासियों ने सराहा।
गौरतलब है कि गर्री रहिवासी उमेश कपरदार ने लगभग दो वर्ष पूर्व अपने बड़े पुत्र का विवाह भी दहेज मुक्त तरीके से कसमार मंदिर में कराया था। उसी समय उन्होंने समाज के बीच यह संकल्प लिया था कि वे अपने छोटे पुत्र का विवाह भी बिना दहेज के करेंगे। उन्होंने अपने वचन को निभाते हुए इसे साकार कर दिखाया।
उमेश की इस नेक पहल की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है। रहिवासियों का कहना है कि ऐसे कदम समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी कुरीति को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह विवाह न केवल दो परिवारों का मिलन बना, बल्कि समाज को एक सकारात्मक दिशा देने वाला संदेश भी साबित हुआ।
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