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सारण में बाढ़ से हालात गंभीर, जिला प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। गंडक नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और तटबंध टूटने से सारण जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बन गया है। जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। प्रशासन की पूरी टीम बीते 30 सितंबर की रात से ही लगातार फील्ड में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार जिला के हद में मकेर प्रखंड में दो स्थानों पर तटबंध टूटने के कारण आसपास के इलाकों में बड़ी मात्रा में बाढ़ के पानी का फैलाव हो गया है, जिससे मकेर प्रखंड की सभी पंचायतें और अमनौर प्रखंड की कुछ पंचायतें प्रभावित हुई हैं। बाढ़ के सैलाब का तेज बहाव परसा प्रखंड की ओर भी हो रहा है। वहीं पानापुर प्रखंड में भी एक स्थान पर तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। बाढ़ के पानी के कारण एनएच-722 पर आवागमन और सड़क संपर्क भी कुछ स्थानों पर प्रभावित हुई है।

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात, 10 अतिरिक्त नावें तैयार

बाढ़ के प्रकोप को देखते हुए सारण जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो टीमों तथा एसडीआरएफ की एक टीम को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। स्थिति को देखते हुए 40 सदस्यों वाली एसडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम भी लगाई गई है। पानापुर में राहत कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए एसडीआरएफ की दो टीमें विशेष रूप से पहुंच चुकी हैं।

रेस्क्यू को गति देने के लिए एनडीआरएफ की नावों के अतिरिक्त एसडीआरएफ की 10 अतिरिक्त नावों को भी तैयार किया गया है, जो विभिन्न पंचायतों में फंसे बाढ़ प्रभावितो को निकालने के लिए तत्पर हैं। प्रभावित पंचायतों से पीड़ितों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार जायजा लिया जा रहा है और स्थानीय रहिवासियों को आश्वस्त किया गया है कि फंसे पीड़ितों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।

बाढ़ प्रभावितों के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है। बीते 30 सितंबर की शाम से ही भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। कल पूरे जिले में 14 स्थानों पर रसोई चल रही थी, इसे देखते हुए एक अक्टूबर को आवश्यकता के अनुसार इसकी संख्या और बढ़ाई जा रही है। पंचायत स्तर तक रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित को भोजन की समस्या न हो। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें लगातार सक्रिय हैं और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं।

इस क्रम में मकेर में जरूरतमंद परिवारों के बीच कल पॉलिथीन शीट का वितरण किया गया है, जिसे अन्य पंचायतों में भी बढ़ाया जाएगा। प्रभावित पशुपालकों को पशुचारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें, प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से पानी में जाने से बचें और बचाव दल द्वारा सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश का तत्काल पालन करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावितो की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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