रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। विस्थापितों के हक, अधिकार और नियोजन की मांग को लेकर चले आंदोलन के क्रम में शहीद प्रेम महतो के आवास पर पहुंचकर उनकी माताजी से मुलाकात की गई। इस दौरान उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
आंदोलन के दौरान लगातार भूख हड़ताल पर रहने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
शहीद प्रेम महतो का परिवार विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई से गहराई से जुड़ा है। ऐसे में उनके परिवार की चिंता करना हमारी नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी है। विस्थापितों का संघर्ष केवल नियोजन तक सीमित नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई है। इस दौरान भरोसा दिया गया कि विस्थापित परिवारों के सुख-दुःख, स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस पहल करने की अपेक्षा की गई। विस्थापितों के अधिकार और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी तथा किसी भी परिवार को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।
![]()













Leave a Reply