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कारो बस्ती के ग्रामीणो ने बीएंडके जीएम तथा कारो पीओ का फूंका पुतला

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके एरिया के कारो परियोजना में 15 जुलाई को विस्थापितों द्वारा क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम) तथा परियोजना पदाधिकारी (पीओ) का पुतला दहन किया गया।

जानकारी के अनुसार बीएंडके क्षेत्र के कारो परियोजना (खदान) का विस्तारीकरण को लेकर प्रबंधन द्वारा बैदकारो बस्ती स्थित जंगल मे पेड़ कटाई कार्य का 15 जुलाई को ग्रामीणों ने विरोध किया। पेड़ कटाई की सूचना मिलते ही आसपास के महिला-पुरुष ग्रामीण एकजुट होकर जंगल पहुंचकर प्रबंधन के प्रति विरोध जताया।

इसके बाद बैदकारो, चरकपनिया, बड़की कुंडी व कारो बस्ती के ग्रामीणो ने कोयलांचल विस्थापित संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष वतन महतो के नेतृत्व में कारो परियोजना में बीएंडके जीएम चितरंजन कुमार, कारो पीओ सुधीर सिन्हा व बैदकारो रहिवासी ठेकेदार जितेंद्र महतो का पुतला दहन किया।

इस अवसर पर मोर्चा अध्यक्ष वतन महतो ने कहा कि पेड़ कटाई कार्य में हमारे गांव के कुछ तथाकथित प्रबंधन के साथ मिलकर षडयंत्र रच रहे है। कहा कि बारिश के मौसम का लाभ उठाकर प्रबंधन द्वारा चोरी छिपे जंगल काटा जा रहा है।

कहा कि मामले को राज्यपाल सहित कल्याण विभाग व जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। इसके बाद भी इसपर कोई जांच नही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन अगर सरकार की अनुमति से पेड़ की कटाई कर रही है तो डीएफओ द्वारा निर्गत आदेश को प्रस्तुत करें। बिना ग्राम सभा की अनुमति के वन उजाड़ने के लिए प्रबंधन आतुर है, जबकि ग्राम सभा का ग्रामीणों ने बहिष्कार किया था।

कहा कि ये जंगल सदियों से हम ग्रामीणों का रोजी रोटी का जरिया बना हुआ है, इनकी रक्षा करना हमारी जिम्मेवारी है। सीसीएल प्रबंधन एक साजिश के तहत यहां जंगल को उजाड़कर माइंस का विस्तार करने में लगी है। कहा कि आगामी 25 जुलाई से ग्रामीण कारो परियोजना का चक्का जाम करेंगे।

मौके पर रामेश्वर महतो, सुखदेव महतो, सीताराम महतो, चन्द्रदेव महतो, सूरज महतो, इकराम अंसारी, दिनेश मुर्म, नारायण महतो,‌ मंगर मांझी, विनोद मांझी, मनोज हेम्ब्रम, शनिचर मुर्मू, शान्ति देवी, रोहनी देवी, चंचला देवी, अनिता देवी, फूलमनी देवी, ललिता देवी, चैती देवी, सरस्वती देवी, चुहिया देवी, बिल्सी देवी, हीरा देवी, मनवा देवी, बांधनी देवी, बसंती देवी, प्यारी देवी, मनोज हेंब्रम‌‌ आदि विस्थापित ग्रामीण उपस्थित थे।

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