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चलकरी के प्रस्तावित सोलर प्लांट में फिर से लग सकता है ग्रहण

प्रबंधन के ढुलमूल नीति से नाराज आदिवासियों ने सोलर प्लांट के खिलाफ खोला मोर्चा

भूमि पूजन के पूर्व नहीं मिली मुआवजा तो बजेगी डुगडुगी-सदस्य

एन. के. सिंह/बेरमो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के डीआरएंडआरडी परियोजना द्वारा पेटरवार प्रखंड के चलकरी में बनने वाली प्रस्तावित सोलर प्लांट में ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।

ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा की अध्यक्षता में संपन्न वार्ता में आदिवासी समाज की नाराजगी दिखाई दी थी। इसके अलोक में 26 अप्रैल को पेटरवार प्रखंड के हद में चलकरी दक्षिणी पंचायत सचिवालय में आदिवासी समाज की बैठक हुई।

बैठक में मुख्य रुप से जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार मुर्मू सहित रैयत उपस्थित थे। बैठक के पूर्व सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जिसके बाद निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित सोलर प्लांट बनने के पूर्व आदिवासियों के साथ वार्ता कर उनके जमीनो के बदले नौकरी मुआवजा नहीं दिया जाता है तो जोरदार विरोध करते हुए आंदोलन करना है।

इस अवसर पर मुख्य रुप से उपस्थित जिप सदस्य अशोक कुमार मुर्मू ने कहा कि सीसीएल 43 वर्ष पूर्व चलकरी के जमीन को अधिग्रहण कर डीआरएंडआरडी परियोजना खोलकर कोयला उत्पादन करने का निर्णय लिया था, जो नहीं हो सका। प्रबंधन अब यहां सोलर प्लांट लगाने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन जिस जमीन को चिन्हित किया है, वहां आदिवासी परिवार खेती कर जीवन गुजर बसर कर रहे है। यहां तक कि उक्त जमीन का रसीद भी आदिवासी कटा रहे है। फिर भी सीसीएल उक्त जमीन को ही टारगेट किया हुआ है। कहा कि हम आदिवासियों के जमीन को सीसीएल कुछ असमाजिक तत्वों से सांठ गांठ कर जमीन हड़पने का प्रयास कर रही है, जो किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जायेगा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आदिवासी अपनी जान दे देंगे, लेकिन जमीन को छीनने नहीं देंगे। कहा कि कुछ दिन पूर्व हुई वार्ता में आदिवासियों के बारे में कोई बात नहीं कर सिर्फ उनकी बात सुनी गई जो प्रबधन की दलाली करते है। कहा कि अगर सीसीएल भूमि पूजन करने के पूर्व आदिवासियों से सकारात्मक वार्ता नहीं करती है तब तक किसी भी सूरत में सोलर प्लांट का कार्य नहीं होने दिया जायेगा। प्रबंधन उक्त जमीन को छोड़ अन्य कहीं भी प्लांट निर्माण करे, उन्हें कोई आपत्ति नहीं होंगी। उन्होंने कहा की अगर प्रबंधन जबरदस्ती करता है तो बिरसा मुंडा आदि महापुरुषो की तरह तीर धनुष व डुगडूगी बजाकर हजारों के संख्या में आदिवासी जुटेंगे और विरोध करेंगे।

उन्होंने बताया कि उक्त बात की जानकारी पत्र के प्रतिलिपि के माध्यम से झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सीसीएल सीएमडी, बोकारो जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो, महाप्रबंधक बीएंडके क्षेत्र आदि को दे दी गई है। मौके पर पूर्व पंसस लालेश्वर टुडू, राजा राम सोरेन, होपन मांझी, सेवालाल बास्के, बुधन मांझी, शिवलाल टुडू, दिनेश मांझी, साहेबराम टुडू, बिमला देवी, सोमरी देवी, नेहा हांसदा, सुरुजमुनी, भुनेश्वर सोरेन, किशोर सोरेन, कोका मांझी, अजय सोरेन, रजनीश सोरेन, राजेश मुर्मू, नरेश कुमार सोरेन आदि उपस्थित थे।

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