पुरूषोत्तम मास में मूलमंत्र पुरश्चरण महायज्ञ की तैयारी तेज, संचालन समिति गठित
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र की पावन धरा पर, नारायणी नदी के तट पर स्थित श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम दिव्य देश (नौलखा मंदिर) में अध्यात्म का अनूठा उत्सव आकार लेने जा रहा है।
आगामी पुरूषोत्तम मास के उपलक्ष्य में यहां आयोजित होने वाले विश्व कल्याणार्थ संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा एवं मूलमंत्र पुरश्चरण महायज्ञ की सफलता को लेकर 15 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्यजी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आगामी 17 मई से 23 मई (अधिक ज्येष्ठ प्रतिपदा से सप्तमी तक) श्रीमद्भागवत कथा के साथ-साथ सप्रासंगिक लीला (धार्मिक मंचन) का भव्य आयोजन करने का निर्णय लिया गया। यह महोत्सव प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार यहां धूमधाम से आयोजित किया जाता है।
स्वार्थ छोड़ परमार्थ की ओर-जगद्गुरु स्वामी लक्ष्मणाचार्य
आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए स्वामीजी महाराज ने मलमास (पुरूषोत्तम मास) की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जब ब्रह्माजी ने हिरण्यकश्यप के वध हेतु तेरहवें मास की रचना की, तब से इस मास का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। कहा कि इस माह में स्वार्थपरक कर्मों का त्याग कर दान, पुण्य, हवन और कथा श्रवण जैसे परमार्थपरक कार्यों से अनंत गुना फल की प्राप्ति होती है।
स्वामीजी ने बल दिया कि देव दुर्लभ मानव शरीर का वास्तविक उद्देश्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष जैसे चतुर्विध पुरुषार्थों को सिद्ध करना है।
पुरूषोत्तम मास कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए बैठक में एक संचालन समिति का गठन किया गया। बैठक में दर्जनों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर दिलीप झा, फुल झा, मीरा सिंह, ममता देवी, संजय सिंह, सुषमा सिंह, कान्ति सिंह, अमरनाथ सिंह, अहिल्या देवी, रानी देवी, सुनैना देवी, नारायणी, वीणा सिंह, गायत्री शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालूगण उपस्थित थे।
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