सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा स्थित झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन कार्यालय में ठेका मजदूरों, बेरोजगार युवाओं एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों के साथ 16 अप्रैल को एक विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय ने की। बैठक में ठेका मजदूरों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गयी। बैठक को संबोधित करते हुए रामा पांडेय ने गुवा सेल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि ठेका मजदूरों को उनके कार्य के अनुरूप स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुवा अयस्क खदान में कार्यरत मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है, जिसे लेकर उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त (एएलसी) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने बताया कि गुवा अयस्क खदान के वित्त एवं लेखा विभाग सहित कई महत्वपूर्ण कंप्यूटरीकृत कार्य मेसर्स जे.बी.टी संस्था को सौंपे गए हैं, जहां कई कर्मी वर्षों से कार्यरत हैं। इसके बावजूद इन कर्मचारियों को उनके काम के अनुरूप उचित वेतन नहीं मिल रहा है।
यूनियन का आरोप है कि संस्था द्वारा भारत सरकार के निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जो श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एएलसी पदाधिकारी ने आगामी 21 अप्रैल को त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें प्रबंधन, ठेका कंपनी और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
पांडे ने मजदूरों से संगठित होने की अपील करते हुए कहा कि अधिकारों की लड़ाई तभी सफल होगी, जब सभी मजदूर एकजुट रहेंगे। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यूनियन कार्यालय में प्रस्तावित मंदिर स्थापना की प्राण-प्रतिष्ठा, जो 15 अप्रैल को होनी थी, उसे स्थगित कर दिया गया है। अब यह कार्यक्रम आगामी 2 मई से 4 मई तक तीन दिवसीय आयोजन के रूप में संपन्न होगा। इस अवसर पर उपस्थित सभी जनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य के भागी बनने की अपील की गई।
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