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अवांछित तत्वों से विद्यालय की रक्षा करना समाज का प्रमुख दायित्व-डॉ अवनीश झा

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड l+2 शिक्षक संघ बोकारो के सचिव डॉ अवनीश कुमार झा ने सरकारी विद्यालयों के विद्यालय अवधि के पश्चात भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में समाज की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यालय जैसे पवित्र संस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित करने में समाज अपनी महती भूमिका को लेकर सजग हो।

डॉ झा ने 2 अप्रैल को एक भेंट में कहा कि समाज को बदलते वक्त के साथ अपनी भूमिका पर पुनर्विचार करना चाहिए। कहा कि विद्यालय चुंकि समाज का अभिन्न अंग है, जिस पर क्षेत्र के सभी रहिवासी विभिन्न कारणों से निर्भर रहते हैं। इसलिए समाज की यह जिम्मेदारी बनती है कि विद्यालय समयावधि के बाद वे बाहर से इस बात की निगरानी रखें कि कोई अवांछित तत्व विद्यालय की चहारदीवारी को फांदकर अंदर प्रवेश नहीं करने पाए।

संघ के जिला सचिव ने कतिपय विद्यालयों में असामाजिक तत्वों द्वारा विद्यालय अवधि के पश्चात या रात के अंधेरे में प्रवेश कर फूल-पौधे उखाड़े जाने अथवा किसी प्रकार कूद-फांदकर विद्यालय में प्रवेश कर कैंपस को शराब की बोतलों, रैपर, पालीथीन बैग, पानी बोतल, पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, शीशा, ईंट-पत्थर आदि फेंककर गंदा कर दिए जाने पर क्षोभ प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान युग में हिंसा, रूढ़िवादिता, वैमनस्यता आदि अवांछनीय कृत्यों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कहा कि इस संबंध में विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में औपनिवेशिक मानसिकता से निकलना अति आवश्यक है। कहा कि आजादी के अठहत्तर वर्ष बाद समाज के सभी वर्गों को यह समझना होगा कि सार्वजनिक संपत्ति का नुक़सान हम सब का सामूहिक नुकसान है। संस्थाओं को बनाने में लंबा समय लगता है, लेकिन उनको सहेज कर रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है, जो अपनी विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उन संस्थाओं पर निर्भर रहते हैं।

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