दहेज कूप्रथा को खत्म करने के लिए बेटियों को शिक्षित, सशक्त व आत्मनिर्भर बनाएं-उपायुक्त
एस. पी. सक्सेना/देवघर (झारखंड)। देवघर जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा 7 मार्च को सत्संग कॉलेज सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर दहेज कूप्रथा व कन्या भ्रूण हत्या को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त, कॉलेज के प्राचार्य व जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त भजंत्री (Deputy Commissioner) ने कहा कि 8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s day) के उपलक्ष्य पर पिछले वर्ष से इस मुहिम को चलाया जा रहा है, ताकि समाज में बेटियों के प्रति कुरीतियों को दूर किया जा सके।

उन्होंने कहा कि समाज में कन्या भू्रण हत्या, दहेज प्रथा, बाल विवाह, बेटियों को शिक्षा से वंचित रखना जैसी कुरीतियों के अलावा महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रुप से सशक्त बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को अपनी सोच व नजरिया बदलने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यूँ तो 8 मार्च ही नहीं पूरे वर्ष समानता का अधिकार बेटियों को मिलना चाहिए। कन्या भ्रूण हत्या व जिला में लिंगानुपात को सुधारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के साथ-साथ सभी की सहभागिता आवश्यक है।
सरकार के साथ-साथ समाज में रहने वाले हर व्यक्ति व सामाजिक संस्थाओं का यह दायित्व बनता है कि वह जिले में दहेज कूप्रथा व लिंग अनुपात में आ रही गिरावट को गंभीरता से ले और बेटे-बेटी में अंतर न रखने को केवल नारेबाजी तक सीमित न रखकर समाज को जागरूक बनाने के लिए अपने स्तर से सभी ठोस प्रयास करे।
उन्होंने कहा कि हम सभी को समझना होगा कि आजकल बेटी-बेटा एक समान होते हैं। आज के युग में लड़कियां लड़कों से कहीं बेहतर अपने आप को साबित करने में कामयाब रहीं हैं। समाज से इस कुप्रथा को पूर्ण रूप से खत्म करने में सभी को आगे आना होगा, तभी एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो पायेगा।
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण है कि बेटियों को शिक्षित करते हुए महिलाओं को उनका हक और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करें। दहेज कूप्रथा को समाज से खत्म करने के उदेश्य से सबसे महत्वपूर्ण है बेटियों को शिक्षित, सशक्त व आत्मनिर्भर बनाएं।
अपने-अपने घरों से इसकी शुरुआत अपने परिजनों और भाइयों को करते हुए करे। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त भजंत्री ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के साथ मतदान के महत्व से अवगत कराये। कार्यक्रम के दौरान एएस कॉलेज की छात्र-छात्राओं को उपायुक्त द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इस दौरान उपरोक्त के अलावे जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार, प्राचार्य डॉ अशोक कुमार, डीसी सेल से प्रतिनियुक्त अधिकारी अमृता सिंह, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, महिला कोषांग की संयोजिका डॉ नीलिमा वर्मा, सचिव डॉक्टर पुष्प लता, डॉ रंजीत वर्णवाल, डॉ अरविंद झा, डॉ विजय लक्ष्मी, आदि।
भारती प्रसाद, डॉ टी पी सिंह, डॉ महेश सिंह, डॉ पायल प्रियदर्शिनी, डॉ अनुराधा, डॉ उमा, डॉ विनीता, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ ए के मांझी, डॉ पी मित्रा आदि शिक्षक शिक्षिकाओं तथा धीरेंद्र कुमार, श्रीभगवान, रीता आदि शिक्षकेतर कर्मी एवं राजेंद्र, युवराज, प्रगति, चांदनी, पवन, पिंटू, राजू, रवि, उमेश, सौरभ आदि सैकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
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