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पढ़ाई के बहाने चीरा चास के मालती लक्जरी में रहकर अकाउंट से उड़ाता था रकम

चास एसडीपीओ ने किया मामले का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र से पुलिस ने 4 साइबर ठग को गिरफ्तार करने का दावा किया है। चारों आरोपी जामताड़ा रहिवासी बताये जा रहे हैं।

जानकारी देते हुए चास एसडीपीओ ने 16 अप्रैल को बताया कि आरोपी बोकारो आकर साइबर ठगी का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के दौरान आरोपी खुद को बैंक का अधिकारी बताकर आम जनों को फोन कर केवाइसी अपडेट करने, एटीएम कार्ड बंद होने का डर दिखाते थे। इसके साथ ही पीएमईजीपी लोन अप्लाई कराने, एपीके फाइल लोड कराने सहित खाता लोन के नाम पर साइबर ठगी किया जाता था। कहा कि आरोपी इतना शातिर है कि कस्टमर के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराकर मोबाइल में वाट्सअप कॉल कर स्क्रीन शेयर करता था।

कस्टमर का उनसे संबंधित बैंक के खाते की सारी जानकारी जैसे एटीएम कार्ड नंबर, ओटीपी नंबर तथा उनके बैंक अकाउंट नंबर, पैन नंबर आदि प्राप्त करने में इन्हें महारत हासिल है। उसके बाद उसके अकाउंट में जो भी पैसा होता था उसको ये अपनी आईसीसी, आईडीबीआई, अमेजॉन और मनी वॉलेट के माध्यम से पैसा ट्रांसफर कर लेता था।

एसडीपीओ ने कहा कि चीरा चास के मालती लग्जरी सिटी में करीब तीन चार महीने से आरोपी फ्लैट नंबर N101 में रह रहे थे। चास मुफ्फसिल थाना पुलिस ने चारों को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन अपराधियों के बारे में अन्य आंकड़े जुटाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि इनकी डायरी में लिखे नंबर के आधार पर सारी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही आम जनों से अपील किया कि अपना मकान भाड़ा में लगाने से पहले पुलिस को जानकारी दें।

ठग बोकारो के सबसे पॉस क्षेत्र में सुमार मालती अपार्टमेंट में लक्जरी में रह कर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देने का काम करते थे। पुलिस इनके पास से एक लैपटॉप, 16 मोबाइल सहित एक डायरी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश दास (35), सूरज दास (32), अंकित दास (25) और प्रियंशु दास (22) के रूप में हुई है।
इस गिरफ्तारी को लेकर चास एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि जामताड़ा के 4 साइबर ठग बोकारो के मालती लक्जरी सिटी के N ब्लॉक के फ्लैट नंबर 101 में रह रहे थे। इसी ब्लॉक से साइबर ठगी का काम किया जाता था। ये सभी मालती सिटी में पढ़ाई करने का कह कर ठहरे थे। आसपास के रहिवासियों को भी विश्वास दिलाया कि ये सभी पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। वहीं, इन आरोपियों के द्वारा भाड़े पर लिए फ्लैट में साइबर ठगी का काम किया जा रहा था।

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