एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। तिरहुत गंडक नहर परियोजना एवं भारत माला 6 लेन सड़क परियोजना में किसानों के शोषण के खिलाफ आगामी 9 मार्च को जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन में ताजपुर प्रखंड से बड़ी संख्या में किसान भाग लेंगे।
इस आशय का निर्णय 4 मार्च को समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में ताजपुर प्रखंड के फतेहपुर डीह पर अखिल भारतीय किसान महासभा से जुड़े किसानों की बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता किसान नेता मनोज कुमार ने की। पर्यवेक्षक के तौर पर महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह उपस्थित थे। जबकि बैठक में रामरूप महतो, रामसकल महतो, रामचंद्र पंडित, बाबू लाल सिंह, राजा कुमार, बाल्मिकी कुमार, अनीता देवी, सोनिया देवी, सुलेखा देवी, विंदू देवी, गीता देवी, फूल कुमारी, लालवती देवी समेत अन्य किसानों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि तिरहुत गंडक नहर परियोजना एवं भारत माला सड़क परियोजना में किसानों को उचित मुआवजा देने में प्रशासन आनाकानी कर रही है।
अधिकारी न कोई कागजात पारदर्शी तरीका से दिखा पाते हैं, न ही कार्यस्थल पर प्राक्लन का बोर्ड लगा है और न ही भू-मापी में किसानो को नक्शा दिखाया जाता है। जोरगर के तरह जमीन छोड़कर कमजोर किसानों को दबाया जाता है। किसानों को न नोटीस और न ही पेमेंट सीट दिखाया जा रहा है।
कुल मिलाकर, “न खाता न बही- जो अधिकारी कहे वही सही” वाली कहावत चरितार्थ हो रहा है। इसके खिलाफ कार्य शुरू करने से पहले कार्यस्थल पर प्राक्लन का बोर्ड लगाने, भू-मापी में किसानों को रखने, कार्य का नक्शा, नोटीस, पेमेंट शीट दिखाने, आदि।
वास्तविक किसानों को अधिग्रहित भूमि का शिविर लगाकर मुआवजा देने समेत अन्य मांगों को लेकर आगामी 9 मार्च को समस्तीपुर शहर के मालगोदाम चौक से जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन कार्यक्रम में भाग लेकर सफल बनाने की अपील उन्होंने उपस्थित किसानों से की।
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