सीसीएल में श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन एवं बेहतर कार्यान्वयन पर जोर
एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) द्वारा चार नव-प्रवर्तित श्रम संहिताओं एवं उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 26 जून को (एमटीसी) एचआरडी विभाग में किया गया। यह कार्यक्रम 26 एवं 27 जून को आयोजित किया जा रहा है।
आयोजित कार्यक्रम में सीसीएल के सभी कोयला क्षेत्र के महाप्रबंधक, मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, खान प्रबंधक, क्षेत्रीय मानव संसाधन अधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि (जेसीएससी, वेलफेयर बोर्ड, सेफ्टी बोर्ड), एससी-एसटी-बीसी काउंसिल, इनमौसा, सीएमओएआई एवं ठेकेदारों के प्रतिनिधि सहित कुल 105 प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (तकनीकी एवं संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त डॉ ओंकार शर्मा बतौर अतिथि संकाय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सीसीएल के सीवीओ पंकज कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा श्रम संहिताओं को लागू किया गया है और कार्यस्थलों पर इनके प्रभावी अनुपालन के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी एवं सकारात्मक सहयोग आवश्यक है। वहीं, निदेशक (तकनीकी एवं संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने बदलते औद्योगिक परिवेश में निरंतर ज्ञानवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने एवं श्रम संहिताओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों का अपडेट रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ ओंकार शर्मा द्वारा श्रम संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा संचालित सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवादात्मक एवं व्यावहारिक रहे, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने प्रश्नों एवं विचारों को साझा किया।
सीसीएल के जनसंपर्क विभाग के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम दिवस उपयोगी चर्चाओं एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह पहल सीसीएल में श्रम कानूनों की बेहतर समझ विकसित करने, अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने एवं कार्यस्थल पर सुचारू औद्योगिक संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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