सरहुल प्रकृति संरक्षण का पर्व, जागरूकता अभियान चलाएगी प्राकृतिक रक्षण टीम
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड के पावन प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्राकृतिक रक्षण संस्था के संस्थापक बबलू कुमार महतो ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने प्रेषित संदेश में कहा है कि सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति श्रद्धा, आस्था और सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे, जल, जंगल और जमीन के बिना मानव जीवन अधूरा है। ऐसे में इस पावन अवसर पर हम सभी को मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने आम रहिवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर पेड़ लगाए, पर्यावरण की रक्षा करे और अपने गांव व शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाए।
बबलू ने 21 मार्च को जानकारी देते हुए बताया कि प्राकृतिक रक्षण टीम बहुत जल्द बोकारो जिले के गांवों और स्कूलों में जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत आमजनों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही युवाओं और बच्चों को इस मुहिम से जोड़कर एक जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरहुल जैसे पवित्र पर्व हमें प्रकृति के साथ जुड़ने और उसकी रक्षा करने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर सभी को एक नई शुरुआत करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अंत में उन्होंने झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर सरहुल पर्व की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हम सभी मिलकर इस पावन पर्व का सम्मान करें, ताकि इसकी परंपरा आज ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रहे।
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