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कसमार में ज़िला भू-अर्जन कार्यालय ने लगाया कैंप कोर्ट

वाराणसी-कोलकाता सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे, बरलंगा-कसमार पथ निर्माण रैयत शामिल

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे निर्माण एवं बरलंगा से कसमार राजमार्ग निर्माण कार्य में भूमि अधिग्रहित मौजा के हितबद्ध रैयतों के भूमि संबंधी विवादों का निपटारा हेतु 15 अप्रैल को ज़िला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा कैंप कोर्ट लगाया गया।

जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड सह अंचल कार्यालय स्थित सभागार में जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा कैंप कोर्ट का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से ज़िला भू अर्जन पदाधिकारी द्वारिका बैठा, कसमार अंचल अधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा मौजूद थे।

कैंप कोर्ट में रांगामाटी, कुरको, बगदा, बगियारी, जामकुदर आदि गांवों के रैयत शामिल हुए। जिसमें संबंधित भूमि के दस्तावेजों का जांच किया गया। यहां ऑन स्पॉट कई मामलों निपटारा भी किया गया।
इस संबंध में भू-अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि जो भी विवादित भूमि है उसका खतियान, रजिस्ट्री डीड, पर्चा के साथ अद्यतन आनलाईन रसीद जमा कर जमीन का मुआवजा भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे निर्माण में प्रगति लाने का निर्देश आया है। उन्होंने बताया कि बेवजह विवाद करने वाले रैयतों का मुआवजा राशि संबंधित कोषागार में जमा करा दिया जायेगा। मौके पर भू-अर्जन के प्रधान सहायक रूपेश कुमार, अमीन, अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी समेत दर्जनों रैयत उपस्थित थे।

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