प्रहरी संवाददाता/हजारीबाग (झारखंड)। लगातार पलायन की भेंट चढ़ता जा रहा है झारखंड का प्रवासी मजदूर। प्रवासी मजदूरों के मौत का सिलसिला जारी है। मृत्यु के बाद सरकार से शव लाने की गुहार लगाई जा रही है।
झारखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। झारखंड के बोकारो, हजारीबाग एवं गिरिडीह जिले में एक के बाद एक लगातार हो रही प्रवासी मजदूरों की मौत का शिलशिला थम नहीं रहा हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड से महाराष्ट्र कमाने गये हजारीबाग जिला के हद में बिष्णुगढ प्रखंड के भेलवारा निवासी गांगो महतो के 27 वर्षीय पुत्र चिंतामन महतो की महाराष्ट्र के चालीस गांव में 220 विद्युत प्रवाह पोल में काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गयी।

उसकी मौत की खबर लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक चिंतामन महतो घर का एकलौता कमाऊ पुत्र था। वह अपने पीछे पत्नी सुनिता देवी और चार साल की पुत्री काब्या भारती को अपने पीछे छोड़कर चला गया।
इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हितार्थ काम करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है।
अली ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा तादाद झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले से रोजी कमाने गये रहिवासियों की है। उन्होंने कहा कि झारखंड के नौजवानों के मौत के मुंह में समाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई मजदूरों की मौत हो चुकी है। सरकार मजदूर हित में कुछ पहल नहीं कर रही है, जिसके कारण झारखंड से मजदूरों का पलायन तेजी से हो रहा है।
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