एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। सीसीएल बीएंडके एरिया से जुड़े चलकरी उत्तरी व दक्षिणी पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण व विस्थापित की ओर से बीते 8 अगस्त को बिजली पानी की मांग को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया था। इसी मुददें को लेकर 14 अगस्त को क्षेत्रीय प्रबंधन ने चलकरी के जनप्रतिनिधियों व विस्थापितों के साथ वार्ता की। वार्ता बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के करगली स्थित आफिसर्स क्लब में किया गया।
आयोजित वार्ता में बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक एमके राव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चलकरी बस्ती की जमीन (दामोदर रिभर एवं रेलवे डायवर्शन) डीआरएंडआरडी परियोजना के लिए अधिग्रहित की गयी थी। इस जमीन पर परियोजना को चालू नहीं किया जा सका। इस स्थिति में गांव में बिजली देना क्षेत्रीय प्रबंधन स्तर से बाहर की बात है। उन्होंने कहा कि यदि परियोजना चलता तो बिजली दिया जा सकता था। वर्तमान स्थिति में गांव में बिजली देने में प्रबंधन असमर्थ है।
जीएम राव ने कहा कि फिर भी प्रबंधन बिजली, पानी, राम विलास स्कूल में माइनिंग पढाई शुरू करने के लिए और विस्थापितों का स्वास्थ्य कार्ड के लिए 18 अगस्त तक सर्वे करवाने का काम करेगी। इसके बाद हीं इसपर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पूर्व में चलकरी गांव में सीसीएल ने कई विकास कार्य किये है। आगे भी सीएसआर के तहत विकास कार्य किया जायेगा।
कहा कि परियोजना नहीं चालू हुआ है। इसलिए अधिग्रहित जमीन का डी नोटिफाइट के लिए प्रबंधन प्रक्रिया शुरू करेगी, ताकि रैयतों का जमीन उनके मालिकाना हक में हो और रैयत उसका उपयोग कर सके। उक्त जमीन के बदले अबतक छह सौ से अधिक विस्थापित नौकरी कर सेवानिवृत्त भी हो चूके है।
जीएम राव ने कहा कि जो विस्थापित ठेकेदारी करना चाहते है, वे पेप कार्ड के माध्यम से कॉआपरेटिव सोसाइटी बनाकर कर सकते है। उन्होंने कहा कि जो रैयत अपनी जमीन पर अपना निजी कार्य करेंगे, उसपर प्रबंधन को कोई आपत्ति नहीं होगी।
वार्ता में जिप सदस्य माला देवी, चलकरी उत्तरी पंचायत के मुखिया अकलेश्वर ठाकुर, चलकरी दक्षिणी मुखिया प्रतिनिधि दुर्गा सोरेन, पंचायत समिति सदस्य इंद्रजीत मंडल, पूर्व मुखिया पंचानन मंडल, सुरेश शर्मा, राज केवट आदि ने कहा कि चलकरी गांव का 36 वर्ष पूर्व प्रबंधन ने जमीन अधिग्रहित की है। इसके बावजूद भी यहां के प्रभावित रहिवासियों को बिजली, पानी की सुविधा नहीं मिली है। जबकि यह सीसीएल के बीएंडके क्षेत्र से सटा विस्थापित गांव है।
इसलिए प्रबंधन गांव में बिजली, पानी उपलब्ध करवाये। वक्ताओं ने कहा कि आज रैयत अपनी जमीन देकर भी बेरोजगार है। बताया गया कि प्रभावित 350 विस्थापितों ने पूर्व में प्रबंधन के निर्देश पर फॉर्म जमा किया जिसे आज तक नौकरी नहीं मिली है। इसलिए प्रबंधन अधिग्रहित जमीन का डी नोटिफाइट कर दे, ताकि विस्थापित अपने जमीन पर काम कर सके। कहा गया कि बीएंडके से प्रभावित क्षेत्र चलकरी गांव है। इसलिए विस्थापितों को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।
वार्ता में उपरोक्त के अलावा क्षेत्र के एसओपी राजीव कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी एलएंडआर बीके ठाकुर, पीओ एस कुमार, प्रभावित पंचायत के उप मुखिया संजय मंडल, वार्ड सदस्य भुषण केवट, चुरामन केवट, भेखरा केवट, मो. समीर अंसारी, गुलाम अंसारी, अरूण गिरि, राजेश शर्मा, मो. दस्तगीर, मो. अमरूल, अंजू देवी, सुमित्रा देवी आदि शामिल थे।
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