अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण खासकर ग्रामीण हलकों में टीकाकरण गंभीर रुप से प्रभावित हुआ है। टीकाकरण कार्य में व्यवधान के कारण बच्चों को समय पर टीका नहीं दिया जा रहा है।
सारण के जिलाधिकारी डीएम अमन समीर की अध्यक्षता में 12 अगस्त को जिला समाहरणालय सभा कक्ष में जिले में टीकाकरण के अद्यतन स्थिति की समीक्षात्मक बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने उपरोक्त जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल से टीकाकरण कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। पूरे जिले में टीकाकरण कार्य में व्यवधान के कारण बच्चों को समय पर टीका नहीं दिया जा रहा है।
मामले को लेकर डीएम ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके भविष्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने इस पर अविलंब कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया।
उन्होंने वैसे आशा कार्यकर्त्ता को अविलंब चिन्हित करने का निर्देश दिया, जो स्वास्थ्य सेवाओं के साथ टीकाकरण कार्य को बाधित कर रही हैं। डीएम ने चिन्हित करने के पश्चात उसपर एफआईआर दर्ज करवाने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न करने से संबंधित वीडियो फुटेज को साक्ष्य बनाकर कानूनी कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि दोषी आशा को भविष्य में किसी भी सरकारी विभाग में सेवा से वंचित किया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर इसके लिए अनुशंसा की जायेगी।
सिविल सर्जन एवं प्रतिरक्षण पदाधिकारी से कारण पृच्छा
डीएम समीर द्वारा इस संबंध में अबतक सख्त कानूनी कार्रवाई नही करने एवं लापरवाही बरतने के कारण सिविल सर्जन सारण एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया। मालूम हो कि, बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में स्पष्ट निदेश प्राप्त है कि स्वास्थ्य सेवा जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को बाधित करना गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
अतः स्वास्थ्य सेवा में बाधा उत्पन्न करने वालों को गंभीर अपराध के लिए दोषी मानकर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में जिले के सभी प्रभारी तथा चिकित्सा पदाधिकारी से लिखित प्रतिवेदन की मांग करने का निर्देश दिया गया कि अबतक उनके द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने वाली आशा के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गयी है।
जिला अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के परिचालन हेतु एसओपी बनाने का निर्देश दिया गया। इसमें स्वास्थ्य सेवा हेतु सभी कर्मियों का दायित्व स्पष्ट रुप से उल्लेखित रहेगा। दिये गये दायित्व का निवर्हन नहीं करने वाले के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सिविल सर्जन सारण, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं कर्मीगण उपस्थित थे।
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