सोनपुर में रंग लुटे महादेव सोनपुर में रंग लुटे, बाबा हरिहर नाथ सोनपुर में रंग लुटे
अवध किशोर शर्मा/सोनपुर (सारण)। सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ की होली का अपना एक रंग और मिजाज रहा है। उसमें गंगा-गंडक संगम तीर्थ सबलपुर के बभनटोली की होली हो तो गजब का शोर मच जाता है। अप्रत्याशित भीड़ जुट जाती है।
इसी के तहत 5 मार्च को सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर में यह सब देखने को मिला, जब होली मिलन समारोह सह गायन समारोह में सोनपुर अनुमंडल प्रशासन की भी भागीदारी रही। सोनपुर में रंग लुटे महादेव सोनपुर में रंग लुटे, बाबा हरिहरनाथ सोनपुर में होली खेले होली गायन से बाबा हरिहरनाथ का दरबार गूंज उठा।
बाबा हरिहरनाथ अपने दो स्वरूपों हरि एवं हर के रुप में ग्रामीण परिवेश से जुड़े लोक कलाकारों को होली गंवई में शक्ति और भक्ति प्रदान कर रहे थे।
सबलपुर बभनटोली की इस होली में सोनपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार, थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, हरिहरनाथ मंदिर न्यास समिति के सचिव विजय कुमार सिंह लल्ला, अरविंद सिंह, सर्वानन्द सिंह, राजकिशोर सिंह, मुकुल सिंह, कृष्णा महतो, अमित सिंह पिंकू, दिनेश सहनी, आदि।
बमबम बाबा, मुख्य अर्चक सुशील चंद्र शास्त्री, अधिवक्ता विश्वनाथ सिंह, अभय कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह चुन्नू, संजीत कुमार, ए. के. शर्मा आदि ने भी होली गायन में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।
इस अवसर पर उपस्थित तमाम जनों ने यहां उल्लास से अबीर-गुलाल से होली खेली। साथ ही गायकों ने भोले बाबा, राधा-कृष्ण, सीता-राम, बजरंगबली की भक्तिमय होली गीतों के साथ-साथ बाबू वीरकुंवर सिंह की वीरता को प्रदर्शित करते होली गीतों से भी वातावरण में ओज भर दिया।
होली गायन में ढ़ोल पर संगत कर रहे थे सबलपुर बभनटोली के वरिष्ठ ढ़ोल विद्या विशारद राजेश्वर सिंह, अवर पुलिस निरीक्षक संजय कुमार शर्मा, मुकेश कुमार शर्मा, शैलेश कुमार शर्मा एवं राजू शर्मा जबकि झाल पर सबलपुर मध्यवर्ती पंचायत के सरपंच दिलीप सिंह, समाजसेवी सुधांशु शर्मा, विजय कुमार शर्मा, जनार्दन शर्मा, आदि।
अरविन्द कुमार सिंह, उप मुखिया सतीश शर्मा, बिजेन्द्र शर्मा, मुकेश कुमार शर्मा, शिक्षक सहित दो दर्जन से अधिक गायकों ने झाल अपने हाथों में धारण कर होली गायिकी में भरपूर ऊर्जा भर दी। इस अवसर पर बिजेन्द्र शर्मा, सतीश शर्मा (उप मुखिया), अभिषेक श्रीवास्तव, वार्ड सदस्य आदि की भी सहभागिता रही।

मौके पर बृज में हरि होरी मचाई, इतसे निकली नवल राधिका उतसे कुंवर कन्हाई। खेलत फाग परस पर हिलमिली, सोभा बरनी न जाई। वृंदावन में श्रीकृष्ण की होली की धूम के बीच सखियों संग राधा निकली है, तो दूसरी ओर से श्रीकृष्ण निकले हैं, आपस में होली खेल रहे हैं। इससे आकाश के बादल लाल हो गये है आदि गायिकी प्रस्तुत किया गया।
इससे पूर्व सर्वप्रथम सुमिरहूँ श्रीभगवान हो से होली गायन का शुभारंभ किया गया। तुलसी दास प्रभु तुम्हरे दरस के, हरि के चरण बलिहारी एवं बाबा भोला के दरबार, होली धूम मची ने भी दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इसी तरह पहिले लड़ाई कुंवर सिंह लिहले, दूसरे अमर सिंह भाई सहित अनेक होली गीतों से जागरण की रात उत्साह और उमंग भरता रहा। ईश्वर भक्ति व देश भक्ति का जोश एक साथ कहीं देखने व सुनने को मिलता है तो वह होली गीत ही है।
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