मेघदूत रेडियो लिस्नर्स क्लब की ओर से रफी को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। भारतीय सिने जगत में सुरों के बादशाह पार्श्वगायक दिवंगत मोहम्मद रफी की 31 जुलाई को 42 वीं पुण्यतिथि है। उनका जन्म 24 दिसंबर 1924 को हुआ था। मात्र 56 वर्ष की उम्र में 31 जुलाई 1980 को वे दुनियां को अलविदा कह गए।
आज चार दशक की अवधि गुजर जाने के बावजूद उनके चाहने वाले देश ही नहीं, विश्व स्तर पर लाखों, करोड़ो की संख्या में हैं। बहुत सा पुराने समय के चाहने वाले मौजूद है, तो नए जेनरेशन के श्रोता भी यू ट्यूब (Youtube) के माध्यम से उनके सुरीली आवाज को अवश्य सुनते हैं।
रफी द्वारा गाये पुरानी फिल्मी गानों में चल उड़जा री पंछी ये देश हुआ बेगाना, बड़ी देर भए नंदलाला, ये दूर के मुसाफिर हमको भी साथ लेले, जहां डाल डाल पे सोने की चिड़िया करती है बसेरा, 60 के दशक से अंत 80 तक ‘खामोश जिंदगी को आवाज दे रहे हो (नाग मंदिर), ये रात है प्यासी प्यासी (छोटी बहु), आदि।
तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है (चिराग), चेहरे पे गिरी जुल्फें कह दो तो हटा दूं मैं (सूरज), छन छन से छनकना सीखा दे (आशा), ओ फिरकी वाली तूं कल फिर आना (राजा और रंक), जाता हूं मैं मुझे अब न बुलाना (दादी मां), दिल तो दिल है (कब क्यूं और कहां),अरमा था हमे जिनका वो प्यार के दिन आए (औलाद), हमसे तो अच्छी तेरी पायल गोरी (गंवार), आदि।
काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं (गुमनाम), अजी ऐसा मौका फिर कहां मिलेगा (एन इवनिंग इन पेरिस), आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर ज़ुबान पे (ब्रह्चारी), कोयल बोले दुनियां डोले (सरगम), आने जाने वालों पर नजर रखता हूं (शान), तेरे पास आकर मेरा वक्त गुजर जाता है (नीला आकाश), खिलौना जानकर तुम तो मेरा दिल (खिलौना), आदि।
कही तेरा दामन न छोड़ेंगे हम (नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे), परदेशियों से न अंखियां मिलना (जब जब फूल खिले), दिल कहे रुकजा री रुकजा (मन की आंखें), सुख के सब साथी दुःख में ना कोई (गोपी), एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों (गबन) इस तरह के हजारों गाने रफी द्वारा गए गये हैं, जिसका वर्णन संभव नहीं।
उन्होंने दर्जनों धार्मिक भजनों को भी अपनी आवाज से पिरोया है,जो काफी कर्णप्रिय हैं। दिवंगत रफी को ऑनलाइन श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया। श्रद्धा-सुमन अर्पित करने वालों में मेघदूत रेडियो लिस्नर्स क्लब बेरमो के उपाध्यक्ष अजीत कुमार जयसवाल, सदस्य अनिल पाल, विजय छाबड़ा, अमित छाबड़ा, रामाधार विश्वकर्मा, अशोक जैन, आदि।
निमाईं सिंह चौहान, रांची से मो. नौशाद खान, अमरावती से जीएस राठौड़, लुधियाना शहर से क्लब के अध्यक्ष मनजीत कुमार छाबड़ा, बिनु छाबड़ा, नैनू छाबड़ा, गुजरात से चांदनी पटेल, महाराष्ट्र से सुनैना आदि के नाम शामिल है।
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