एन.के.सिंह/फुसरो (बोकारो)। फुसरो नगर परिषद के करगली बाजार स्थित गुरुद्वारा में 9 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह (Guru Gobind Singh) की 355वां जयंती धूमधाम से कोविड गाईड लाईन (Covid Guideline) का पालन करते हुए मनाई गई। इस अवसर पर 8 गुरुद्वारा के सैकड़ों लोग कीर्तन में शामिल हुए।
प्रकाश पर्व में दरबार साहेब पटना से आए कविंद्र सिंह और जोगिंदर सिंह ने गुरबाणी और शबद कीर्तन से आए श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। वहीं दरबार साहेब पटना से आए कथा वाचक ज्ञानी बलदेव सिंह ने अपनी कथा के माध्यम से वर्तमान में देश की स्थिति पर प्रकाश डालने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि सभी धर्म से ऊंचा और महान इंसानियत और मानवता का धर्म है। आज हम इस बात को भूलकर आपसी जातिवाद में बंट चुके हैं। आज विश्व कोरोना नामक वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में हमें एकजुट होकर इस महामारी का खात्मा करना है।
उन्होंने कहा कि गुरुबाणी के अनुसार जरूरतमंदों की हर संभव मदद भी करनी है। आज की युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों के किए गए बलिदान को भूल गई है। भूल गई है कि कितनी कुर्बानियों के बाद ये सिक्खी का ताज नसीब हुआ हुआ है।
जरूरत है हमें अपने इतिहास को अपने बच्चों को बताएं और उन्हें इसकी बारीकी से जानकारी दें, ताकि वह लोग भी समाज में कल्याण के कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें। उन्होंने लोगों को गुरु गोबिंद सिंह जी के दर्शाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
मौके पर उपस्थित (Present) बतौर मुख्य अतिथि 16वीं लोकसभा के सांसद रबींद्र कुमार पांडेय ने लोगों को गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव की बधाई देते हुए उनकी शिक्षाओं पर चलने का आह्वान किया। बाबा तरसेन सिंह और हरजीत सिंह ने कहा कि गुरु जी ने अपनी सारी जिंदगी लोगों को प्यार, एक परमात्मा और भाईचारक सांझ का संदेश दिया है।

श्रमिक नेता लखन लाल महतो, विस्थापित नेता विनोद महतो, भाजपा नेत्री अर्चना सिंह ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा वर्ष 1699 में न्याय की प्राप्ति, समानता और मानवता के अधिकारों की प्राप्ति के लिए हर समय किसी भी तरह की कुर्बानी देने के लिए खालसा पंथ की स्थापना की गयी थी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि गुरु जी के प्रकाशोत्सव को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ जात-पात, रंग-भेद और धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर मनाया जाए, ताकि गुरु जी की शिक्षाओं के अनुसार एक आदर्श समाज का निर्माण हो। यहां गुरुद्वारा कमेटी द्वारा पूर्व सांसद पांडेय सहित आधा दर्जन लोगो को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। यहां श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी।
मौके पर छेदी नोनिया, रविंद्र मिश्रा, सूरज महतो, संजीत सिंह, जितेंद्र पांडेय, गजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, महेंद्र चौधरी, शंकर गिरी सहित गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष लाल सिंह, सचिव बलैना सिंह, जोगा सिंह, गुरदयाल सिंह, गुरपाल सिंह, हरदयाल सिंह, अमरिक सिंह, शमशेर सिंह, देवेंद्र सिंह, गरमेज सिंह, परमजीत कौर, लल्लू प्रसाद सिंह, सुखविंदर कौर, तरसेम सिंह आदि सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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