प्रहरी संवाददाता/गोमियां (बोकारो)। कहा जाता है कि मुद्दई लाख बुरा चाहे लेकिन सफलता की राह को रोक नहीं पाता है। कुछ ऐसी ही मिशाल पेश कर दिखाया है गोमियां विधायक (Gomian MLA) प्रतिनिधि बिपिन कुमार नायक ने।
प्रारंभ से अभावों में जीने वाले बिपिन की सफलता को देख लोग आश्चर्यचकित हैं। उसने कभी सपने में भी नहीं सोंचा था कि कभी वह विधायक का सबसे विश्वासपात्र बन पायेगा। झंझावतो से जूझते बिपिन नायक गोमियां की जनता के लिए एक मिशाल बन गया है।
स्वयं बिपिन ने 4 नवंबर को जगत प्रहरी से एक विशेष भेंट में कहा कि उसका जन्म पलिहारी गुरुडीह पांचयत के गोमियां बस्ती में 29 जनवरी 1982 को हुआ था। गरीबी और मुफलिसी में उसने जैसे-तैसे दशवीं तक की शिक्षा प्राप्त कर आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए वर्ष 2000 से 2002 तक ट्यूशन व् कोचिंग में बच्चों को पढ़ाकर 12वी तक की पढ़ाई पुरी की।
उसके बाद आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण वह धन कमाने मुंबई चला गया। मुंबई के अँधेरी इस्ट स्थित एक कोल्ड ड्रिंक्स फैक्ट्री में बतौर सुपरवाइजर काम किया।
मन में राजनीति के प्रति रूचि के कारण उसने वहां छह माह काम करने के बाद वापस गोमियां लौट आया। पहली बार उसने मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की सदस्यता ली। उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे माकपा के भारत की जनवादी नौजवान सभा में अहम जिम्मेवारी सौंपी गयी।
इसी दौरान वर्ष 2007 में गोमियां क्षेत्र में आये झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष तिलेश्वर साहु के संपर्क में आकर साहु के साथ जुड़ गए। इसी बीच वर्ष 2008 में आर्थिक स्थिति कुछ ठीक होने पर स्नातक की पढ़ाई कर 2010 में स्नातक की पढ़ाई पुरी की।
वर्ष 2010 में उसकी शादी चंचला रानी से हो गयी। इस दौरान हजारीबाग में चुनाव के दौरान तिलेश्वर साहु की हत्या कर दिये जाने की घटना के बाद बिपिन एक प्रकार से टूट गया। इसके बावजूद उसने समाज सेवा के कार्य को नहीं छोड़ा। उसकी प्रतिभा से प्रभावित वर्तमान विधायक ने उसे अपने साथ जोड़कर आजसू पार्टी में अहम जिम्मेदारियां दी।
खासकर गोमियां विधानसभा क्षेत्र की जनता के दु:ख सुख में हमेशा साथ रहने वाले बिपिन आज सफलता की सीढ़ी चढ़ते हुए विधायक प्रतिनिधि बने हैं। हाल के दिनों में स्थानीय रहिवासियों के विशेष आग्रह पर उन्होंने अपनी धर्मपत्नी चंचला रानी को मुखिया पद के उम्मीदवार बनाने की बात कही है।
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