Advertisement

उत्तराखंड में ​सृष्टि मंथन पर्यावरण सम्मेलन, ​झारखंड का नेतृत्व कर रहे पर्यावरण मित्र बबलू

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। ​देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन सृष्टि मंथन-2026 में देश भर से आए प्रतिष्ठित जनों, वरिष्ठ शोधकर्ताओं, प्रोफेसरों और पर्यावरण विशेषज्ञों का समागम हुआ। इस राष्ट्रीय मंच पर झारखंड प्रदेश का प्रतिनिधित्व एवं नेतृत्व करते हुए पर्यावरण मित्र बबलू कुमार महतो ने राज्य की ओर से पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता को मजबूती से रेखांकित किया।

आयोजित ​ कार्यक्रम में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि​ पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था का दायित्व नहीं है, बल्कि यह हम सभी की साझी जिम्मेदारी है। कहा कि सृष्टि मंथन जैसे राष्ट्रीय मंच देश के युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं। हमें प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए ग्रीन स्किल्स और ग्रीन जॉब्स को बढ़ावा देना होगा, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियाँ सुरक्षित और समृद्ध वातावरण में सांस ले सकें।

झारखंड प्रदेश प्रतिनिधि पर्यावरण मित्र बबलू कुमार महतो ने कहा कि सृष्टि मंथन जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने राज्य झारखंड का प्रतिनिधित्व और नेतृत्व करना मेरे लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। कहा कि उत्तराखंड की इस पावन भूमि पर देश के शीर्ष वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों से बहुत कुछ सीखने को मिला। झारखंड की समृद्ध वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए हम इस सम्मेलन से प्राप्त वैज्ञानिक दृष्टिकोण, हरित कौशल (ग्रीन स्किल्स) और पर्यावरण सुरक्षा के उपायों को धरातल पर लागू करेंगे।

सम्मेलन के सत्रों के दौरान उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, गोपाल आर्य, देवदत्त जोशी, पायल राय, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ अनिल मेहता, डॉ मनीष जांगिड़, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव आशीष चौहान, महापौर सौरभ थपलियाल तथा वन पारिस्थितिकी विशेषज्ञ प्रो. वी. आर. एस. रावत सहित कई गणमान्य अतिथियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

दो दिनों तक चले वैचारिक सत्रों में ग्रीन स्किल्स, ग्रीन जॉब्स, हिमालयी पारिस्थितिकी (हिमालयन एकोलॉजी), पर्यावरण सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) और वैज्ञानिक अनुसंधान पर गहन चर्चा की गयी। सम्मेलन के दौरान वन अनुसंधान संस्थान (फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट) के वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों से संवाद करने तथा संस्थान की अत्याधुनिक शोध गतिविधियों को करीब से देखने व समझने का सुअवसर मिला।

झारखंड के संदर्भ में बबलू कुमार महतो ने कहा कि उनका संकल्प राज्य के ​युवाओं को ग्रीन जॉब्स से जोड़ना है। झारखंड के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण अभियानों को गति देना और युवाओं को हरित कौशल प्रशिक्षण के प्रति जागरूक करना है। सम्मेलन का उद्देश्य हिमालयी व क्षेत्रीय पारिस्थितिकी के अनुभवों का उपयोग करते हुए झारखंड के वनों, जलस्रोतों और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए जन-आंदोलन खड़ा करना। एफआरआई के वैज्ञानिकों द्वारा साझा की गई नई तकनीकों और पौधों की सुरक्षा से जुड़े वैज्ञानिक तरीकों को झारखंड में लागू करना है।
​

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *