रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार स्थित पीएमश्री प्लस टू उच्च विद्यालय में 15 अक्टूबर को बम विस्फोट की सूचना से हड़कंप मच गया। स्कूल परिसर में तेज धमाके की आवाज सुनकर छात्र-छात्राओं और विद्यालय प्रबंधन में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही कसमार थाना प्रभारी कुंदन कुमार पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में बम विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, एक छात्र घर से शक्तिशाली हाइड्रो पटाखा लाया था और उसे बालक शौचालय में फोड़ दिया था। इसी कारण तेज धमाका हुआ और विद्यालय परिसर में बम विस्फोट की अफवाह फैल गई।
घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज धमाके की आवाज से छात्र-छात्राएं और शिक्षक सकते में आ गए। बम विस्फोट की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में मामला पटाखा फोड़ने का सामने आया। घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस अवसर पर पुलिस जांच के दौरान छात्रों के पास से 31 मोबाइल फोन बरामद किए गये। थाना प्रभारी कुंदन कुमार ने बताया कि सभी मोबाइल विद्यालय के प्रधानाध्यापक फारुख अंसारी को सौंप दिए गए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि संबंधित अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर बातचीत करें तथा लिखित आवेदन लेने के बाद ही मोबाइल वापस करें। पुलिस ने विद्यालय प्रबंधन को छात्रों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक फारुख अंसारी ने बताया कि विद्यालय परिसर में तेज धमाके की घटना के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। छात्रों के पास से बरामद मोबाइल फोन अभिभावकों से बातचीत और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लौटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुशासन बनाए रखना और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की प्राथमिकता है।
उक्त घटना के बाद थाना प्रभारी कुंदन कुमार ने विद्यालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को यातायात सुरक्षा, नशामुक्ति, अनुशासन, महिलाओं से संबंधित अपराधों तथा आपातकालीन सहायता सेवा डायल 112 के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को किसी भी तरह की शरारत से बचने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और आपात स्थिति में समझदारी से काम लेने की सलाह दी।
घटना ने विद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में बम विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई और मामला शक्तिशाली पटाखा फोड़ने का सामने आया। हालांकि, विद्यालय परिसर में इस तरह की घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। जरूरी है कि विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें तथा छात्रों को अनुशासन और सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से दहशत का माहौल न बने।
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