रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। शिक्षा में नवाचार, कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर मंथन के साथ एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (ए.एस.आई.एस.सी.) का 38वां दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन एवं वार्षिक आमसभा 9 अक्टूबर को बोकारो में शुरू किया गया। सम्मेलन में 150 से अधिक प्राचार्य शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार सेंट जेवियर्स स्कूल की मेजबानी में बोकारो के टाउन हॉल स्थित शिबू सोरेन स्मृति सभागार में आयोजित सम्मेलन में 150 से अधिक आईसीएसई विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी प्रिया रंजन रहे।
सम्मेलन की मुख्य विषय वस्तु एजुकेशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन रही। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण व्यवस्था पर चर्चा की गयी। रिसोर्स पर्सन रेव. फादर डॉ एस. एम. जॉन केनेडी ने शिक्षा के बदलते स्वरूप और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रिया रंजन ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना जरूरी है। सम्मेलन में एएसआईएससी की अध्यक्षा मैरी अल्फोंसा, उपाध्यक्ष फादर कुरियन थ्रिक्कोडनमेलिल, सचिव क्रिस्टोफर एंजेलो फ्रांसिस सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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