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झारखंड में महंगी दवा खरीद पर विधायक सरयू राय ने उठाए सवाल, की आपत्ति

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद को लेकर जदयू विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ कंपनियों ने कम दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव दिए हैं, इसके बावजूद विभाग कुछ केंद्रीय सरकारी कंपनियों से अधिक कीमत पर दवाएं खरीदने की तैयारी कर रहा है।

विधायक राय के मुताबिक, दवा खरीद से संबंधित प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग में तैयार किया जा चुका है और इसे जल्द कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए भेजे जाने की तैयारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराने वाले विकल्प मौजूद हैं, तो अधिक दर पर खरीद का फैसला क्यों किया जा रहा है।

विधायक ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी से पूरे मामले की समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने एक अक्टूबर को कहा कि कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव भेजने से पहले दवा की दर, कंपनियों के चयन और पूरी खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि किन कंपनियों से दवाएं खरीदने का प्रस्ताव है, उनकी दरें क्या हैं और कम कीमत पर दवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के प्रस्तावों पर क्या निर्णय लिया गया है।

विधायक सरयू राय ने पूर्व में हुई दवा खरीद प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, दवाओं की कीमत और कंपनियों के चयन से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर कोई सवाल न उठे।

इधर, झारखंड में दवाओं की आपूर्ति के लिए नई निविदा प्रक्रिया भी जारी है। राज्य के आधिकारिक ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर बीते 21 सितंबर को जीएमपी प्रमाणित दवा निर्माताओं से दवाओं की आपूर्ति के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट का टेंडर प्रकाशित किया गया है। इसमें निविदा जमा करने की अंतिम तारीख आगामी 22 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
विधायक राय की आपत्ति के बाद अब दवा खरीद में प्रस्तावित दरों, कंपनियों के चयन और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय प्रभाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की प्रक्रिया चर्चा में है। झारखंड में दवा खरीद को लेकर उन्होंने कम दर वाले प्रस्ताव छोड़ महंगी खरीद की तैयारी पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

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