एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सिविल सर्जन बोकारो डॉ अभय भूषण प्रसाद की अध्यक्षता में 19 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जानकारी के अनुसार उक्त रैली के माध्यम से आमजनों को सर्पदंश से बचाव, सावधानियों तथा सर्पदंश की स्थिति में तत्काल किए जाने वाले उपायों के प्रति जागरूक करना है। जागरूकता रैली के माध्यम से आमजनों को बताया गया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें तथा काटे गए अंग को स्थिर रखें। सूजन आने से पहले अंगूठी, घड़ी, कंगन एवं अन्य कसे हुए आभूषण या कपड़े हटा दें तथा पीड़ित को यथाशीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल पहुंचाएं, जहां आवश्यकतानुसार एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो।
कहा गया कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत रखें और घबराने न दें। जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे स्थिर रखें और अनावश्यक रूप से न हिलाएं। सूजन बढ़ने से पहले अंगूठी, घड़ी, कंगन एवं कसे हुए कपड़े हटा दें। पीड़ित को बिना विलंब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं। कहा गया कि काटे गए स्थान के ऊपर रस्सी, कपड़े या रबर का कसा हुआ टूर्निकेट न बांधें। घाव को ब्लेड या चाकू से काटकर जहर निकालने का प्रयास न करें। मुंह से जहर चूसने का प्रयास न करें। काटे गए स्थान पर बर्फ या ठंडा सेक न लगाएं। झाड़-फूंक, ओझा-तांत्रिक या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें।
कार्यक्रम के माध्यम से आमजनों को वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय उपचार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित का समय पर अस्पताल पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की देरी जानलेवा हो सकती है। जागरूकता रैली में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य संबंधित उपस्थित रहे।
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