प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। स्टील ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-12ई में बीते 28 अगस्त की सुबह छह फ्लैटों वाले एक आवासीय ब्लॉक का हिस्सा अचानक ढहने के मामले में 29 अगस्त को चास की एसडीएम प्रांजल ढांडा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लेने के साथ घटना के कारणों की जांच शुरू की।
एसडीएम ने बताया कि संबंधित आवास लंबे समय से उपयोग में थे और उन्हें नियमित मरम्मत की आवश्यकता थी। जानकारी के अनुसार, ढहे हुए आवासो की आखिरी बार वर्ष 2024 में मरम्मत कराई गई थी। उन्होंने कहा कि हादसे में क्षतिग्रस्त क्वार्टर पहले से असुरक्षित घोषित नहीं किया गया था। एसडीएम ने बताया कि बोकारो के सेक्टर-12ई और आसपास के लगभग 160 आवास पहले से असुरक्षित बताए गए हैं।
ऐसे में जिस आवास को असुरक्षित घोषित नहीं किया गया था, उसका हिस्सा गिरना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हादसे के समय क्वार्टर के ऊपरी तल पर भी परिवारजन रह रहे थे। गनीमत रही कि घटना के समय घर में अधिक सदस्य मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
एसडीएम प्रांजल ढांडा ने कहा कि वे जिला उपायुक्त को सेक्टर-12 के सभी आवासो की दोबारा जांच कराने की सिफारिश करेंगी।
उन्होंने कहा कि पिछली जांच काफी पहले हुई थी, इसलिए वर्तमान स्थिति का दोबारा आकलन जरूरी है।
बीएसएल के 169 आवासीय ब्लॉक असुरक्षित घोषित
बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) के कम्युनिकेशन ऑफिसर मणिकांत धान के अनुसार बीते जुलाई माह में सीढ़ी गिरने की घटना के बाद संबंधित ब्लॉक को असुरक्षित घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि एनआईटी पटना की स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर अब तक बोकारो इस्पात नगर के 169 आवासीय ब्लॉकों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया जा चुका है।
बीएसएल प्रबंधन के अनुसार, प्रभावित आवासों में रहने वाले रहिवासियों को सुरक्षित आवास में स्थानांतरित होने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सेक्टर-12ई में हुए हादसे के बाद अब सेक्टर-12 के अन्य आवासो की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
![]()













Leave a Reply