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नई दिल्ली के राष्ट्रीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम से लौटे कसमार के शिक्षक

शिक्षा में कला और संस्कृति का समावेश समय की आवश्यकता-डॉ अवनीश झा

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) मुख्यालय, नई दिल्ली में बीते 27 से 31 जुलाई तक आयोजित शिक्षा के लिए एकीकृत दृष्टिकोण विषयक राष्ट्रीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में भाग लेकर बोकारो जिला के हद में पीएमश्री एसएस +2 उच्च विद्यालय लौटे। कसमार के पीजीटी शिक्षक डॉ अवनीश कुमार झा ने इसे अपने शिक्षकीय जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी अनुभव बताया।

देश के 18 राज्यों से आए 121 सीसीआरटी प्रशिक्षित शिक्षक-शिक्षिकाओं की सहभागिता वाले इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षा, कला, संस्कृति, काव्य, नाटक, कठपुतली कला, मूर्तिकला, अभिनय, स्वास्थ्य एवं योग जैसे विविध विषयों पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों, सांस्कृतिक मूल्यों तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर विद्यालयी शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना था।

झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) रांची के निदेशक के आदेश के आलोक में बोकारो जिले से छह शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण में भाग लिया, जिनमें कसमार के डॉ अवनीश कुमार झा भी शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विभिन्न राज्यों के शिक्षकों के साथ अनुभव साझा करने और नई शिक्षण तकनीकों को समझने का अवसर मिला।

इधर, सीसीआरटी के बोकारो जिला साधनसेवी अजय कुमार ठाकुर ने सभी प्रतिभागी शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बोकारो जिले की सहभागिता पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण से अर्जित अनुभव का लाभ जिले के विद्यार्थियों और विद्यालयों को मिलेगा। पीएमश्री एसएस +2 उच्च विद्यालय कसमार के पीजीटी शिक्षक डॉ अवनीश कुमार झा ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित यह पुनश्चर्या पाठ्यक्रम मेरे लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहा। यहां देशभर के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर मिला।

शिक्षा में कला, संस्कृति, नाटक, योग और रचनात्मक गतिविधियों का समावेश विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों और नवीन शिक्षण विधियों को विद्यालय में लागू कर विद्यार्थियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, रोचक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा देने का प्रयास करूंगा।

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