अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। वैशाली जिला के हद में प्रखंड मुख्यालय लालगंज स्थित कृषि कार्यालय के सभागार में 30 जुलाई को उर्वरक निगरानी समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
लालगंज के प्रखंड प्रमुख सुधा देवी की अध्यक्षता और प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार के संचालन में संपन्न बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कृषि सीजन के लिए उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करना था।
बैठक में प्रखंड प्रमुख ने स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद की जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी खाद विक्रेताओं के लिए अपनी दुकानों पर स्टॉक बोर्ड और सरकारी मूल्य सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य है। बैठक में कृषि समन्वयकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में खाद दुकानों का औचक निरीक्षण करें, ताकि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में मौजूद राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रगतिशील किसान जितेन्द्र सिंह ने उर्वरक वितरण को लेकर व्यावहारिक सुझाव दिए। बैठक को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। राजद अध्यक्ष पवन देव यादव, जदयू अध्यक्ष कमलेश्वर साह, लोजपा के दिनेश कुमार और बीस सूत्री अध्यक्ष नवीन कुमार गुप्ता ने उर्वरक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
प्रखंड प्रमुख ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित उचित मूल्य पर ही खाद उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के सभी समन्वयक मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर उर्वरक की कालाबाजारी पर सख्ती से नकेल कसने पर सहमति व्यक्त की।
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