कठिनाईयों से गुजर रहा क्षेत्र के आदिम जनजातियों का जीवन
पंसस अयुब खान ने चटुआग और दामोदर के परहैया टोला का किया दौरा
एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। लातेहार जिला के हद में चंदवा प्रखंड के कामता पंचायत के ग्राम चटुआग के परहैया टोला सहित ग्राम दामोदर के पीवीटीजी और एसटी टोला में नल जल योजना, मुखिया द्वारा लगाए गए जलमीनार खराब होने से जल संकट गहरा गया है। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने ग्राम चटुआग के परहैया टोला और दामोदर के पीवीटीजी, एसटी टोला एवं हिसरी तथा जोब्या गांव का 12 जुलाई को दौरा किया। ग्रामीणों से मिलकर जल समस्या की जानकारी ली।
पंसस खान ने बताया कि परहैया टोला (चटुआग) के बीनोद परहैया, फुलमनी परहिन, मुनीता परहिन, पूनम परहिन, सुशंती परहिन, अनिल परहैया, सुलेन्द्र परहैया, सुमन कुमारी ने बताया कि इस टोला में मुखिया द्वारा लगाए गए जलमीनार पंद्रह दिन से खराब है, इससे लगभग दर्जन भर से अधिक आदिम जनजाति परिवार पानी पीते हैं। मुहल्ला मे पेयजल का यह मुख्य श्रोत है। इसके खराब होने से पानी की समस्या हो गई है। रहिवासी कुआं से पानी पीने को मजबूर हैं। कहा गया कि इस टोले में एक नल जल योजना लगी है, यह दिन भर में लगभग एक दो घंटा हीं चलता है जो एक बालटी पानी भी नहीं भर पाता है। कहा गया कि यहां के कई घरों के नल तक पानी नहीं पहुंच पाती है। गांव में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से बोरिंग कर एक पेयजल टंकी लगाया गया है जो कई सालों से खराब पड़ा है।
खान के अनुसार दामोदर के परहैया टोला में नल-जल खराब है। इसका मोटर और स्टार्टर बनाने के लिए मिस्त्री लेकर एक माह पहले ही चला गया है, जो अभी तक नहीं लग पाया। इससे पेयजल के लिए रहिवासियों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
खान ने बताया कि हिसरी में समीर उरांव के घर के समीप नल योजना कई माह से बंद है। वहीं हिसरी में ही जोखन उरांव के घर के पास भी नल जल योजना कई माह से ख़राब है। जोब्या में राजू उरांव के घर के समीप का मोटर स्टार्टर बनाने के लिए मिस्त्री एक माह पूर्व ही ले गया है, लेकिन बना कि नहीं इसका भी कोई खबर नहीं है। ग्राम कामता के टोला कुजरी में एनएच किनारे नहर के समीप लगे नल जल योजना भी बंद है। इसका भी मोटर स्टार्टर बनाने के लिए मिस्त्री लेकर गया है, लेकिन अबतक कोई खबर नहीं है। जलमीनार और नल जल महिनों से बंद रहने के कारण खासकर यहां की महिलाओं को पानी के लिए काफी परेशानी हो रही है।
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान कहते हैं कि नल जल योजना के संवेदक लापरवाह बना है। उनके द्वारा लगाए गए नल जल खराब पड़ा है। लेकिन इसे बनाने की चिंता उन्हें नहीं है। कहा कि संवेदक को यदि चिंता होती तो अबतक सभी बंद पड़े नल जल चालू कर दिया जाता। उन्होंने बताया कि नल जल योजना लगने से शुरुआती दौर में ग्रामीणों को राहत मिली थी, लेकिन संवेदक की उपेक्षा के कारण अब वे फिर से पहले की तरह पेयजल समस्या में फंस गये हैं। यदि पेयजल समस्या जल्द दूर नहीं की गई तो महिलाएं स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या में घिर जाएंगे। पंसस खान ने जिला उपायुक्त से पेयजल समस्या को दूर करने की मांग की है।
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