केंद्र व् झारखंड सरकार की उपेक्षा के कारण प्रत्येक दिन लाखों राहगीर परेशान
एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। लातेहार जिला के हद में टोरी चंदवा फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आगामी 15 जून को माकपा द्वारा लातेहार में पदयात्रा निकाला जायेगा।
माकपा के वरिष्ठ नेता अयुब खान, लातेहार जिला सचिव रसीद मियां व सुरेंद्र सिंह ने 31 मई को एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि वित्तीय वर्ष 2020 -21 में जिला के हद में टोरी – चंदवा फ्लाई ओवरब्रिज परियोजना की स्वीकृति मिली। 3 अप्रैल 2021 को आरओबी निर्माण के लिए ऑनलाइन शिलान्यास किया गया। कहा गया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हांथों शिलान्यास हुए पांच वर्ष हो गए, लेकिन कार्य अबतक शुरू नहीं किया जा सका है। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू हो इसपर जोर डालने के लिए माकपा कार्यकर्ता और झारखंड राज्य किसान सभा से जुड़े किसान जिला मुख्यालय लातेहार में पदयात्रा करेंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया कि पदयात्रा अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कहा गया कि टोरी फ्लाई ओवरब्रिज परियोजना की पहले प्राक्कलन ₹43 करोड़ थी। अब नया प्राक्कलन में ₹119,71, 70, 507. 90 करोड़ राशि हो गई। कहा गया कि अबतक लगभग छः बार टेंडर निकल चुका है, इसके निर्माण के लिए शुरू में ₹43 करोड़, राशि का आवंटन हुआ, अब यह ₹119,71, 70, 507. 90 करोड़ राशि हो गई, इस राशि पर अबतक टेंडर नहीं हुआ है। एक बार टेंडर लेकर संवेदक ने कम राशि होने के कारण छोड़ दिया।
कहा गया कि केंद्र, राज्य सरकार और एनएच विभाग की उदासीनता के कारण आम रहिवासी व् राहगीर जाम की पीड़ा झेल रहे हैं। बताया गया कि उच्च पथ (एनएच) 22 पर टोरी जंक्शन का रेलवे क्रॉसिंग है। क्रॉसिंग जाम के कारण राहगीरों को घंटों जाम में फंसकर असहनीय पीड़ा झेलना पड़ रहा है। लंबे समय से इस समस्या पर केंद्र और झारखंड सरकार तथा एनएच विभाग की उपेक्षा के कारण प्रत्येक दिन लाखों राहगीर परेशान हैं। टोरी रेलवे क्रॉसिंग 24 घंटे बंद रहती है।
हर बार किसी न किसी जिंदगी को खतरे में डालती है यह क्रॉसिंग। एनएच 99 न्यु 22 अस्पताल, थाना, ब्लॉक, शहर को जोड़ती है। यहां हर घंटे लंबा जाम, घंटों बंद गेट और जाम में फंसकर राहगीर लाचार बनकर दर्द पीड़ा की तरह छटपटाते रहते हैं। जाम में फंसे एम्बुलेंस में बैठे बिमार की जिंदगी और मौत को तय करती है यह रेलवे फाटक। घंटों फाटक बंद रहने से बिमार मरीज की मौत फाटक पर ही हो जा रही है। क्रॉसिंग जाम में फंसकर महिलाओं का प्रसव फाटक पर ही हो जाती है। समय पर अस्पताल पहुंच नहीं पाती है।रेलवे क्रॉसिंग से ही उन्हें कफन ओढ़ाकर घर वापस ले जाना पड़ रहा है। फाटक जाम से कई परिवारों की जिंदगियां खत्म हो चुकी है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि उक्त रेलवे क्रॉसिंग जाम से राज्य का 9 जिला यथा रांची, गुमला, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, हजारीबाग, चतरा समेत छत्तीसगढ़ और पटना की यात्री बस व छोटी बड़ी गाड़ियां प्रभावित है। देश का एकलौता टोरी जंक्शन है जहां रेलवे स्टेशन जाने और स्टेशन से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। वहीं रेलवे विभाग की उदासीनता के कारण टोरी फुट ओवरब्रिज का कार्य अधूरा पड़ा है। फुट ब्रिज नहीं होने के कारण रेल यात्री और ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मालगाड़ी के नीचे से पास करते हैं। रेल यात्रियों की सुविधा मामले में रेलवे विभाग लापरवाह बनी है।
एक अन्य जानकारी के अनुसार एसआईआर (सर) को लेकर जिला के हद में चंदवा प्रखंड के कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने 31 मई को पंचायत में जागरूकता अभियान चलाया। अभियान कोई योग्य मतदाता का नाम न कट जाए और सरकारी सुविधाएं ले रहे से वंचित न हो जाएं है। पंसस खान ने कहा कि पंचायत का एक एक गांव में सैंकड़ों अन्मैप्ड मतदाता हैं जो एसआईआर प्रकृया में अबतक शामिल नहीं हुए हैं जानकारी देते हुए पंसस खान ने कहा कि चंदवा प्रखंड के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बीते 23 – 24 मई को अन – मैप्ड मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। गांव में सैंकड़ों मतदाता अनमैप्ड सूची में हैं जो अबतक एसआईआर प्रकृया में शामिल नहीं हो पाये हैं।
कामता के पंसस अयुब खान ने कामता पंचायत के ग्राम चटुआग में 31 मई को ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाया, इसमें मतदाताओं को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उनके बीच निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी अनमैप्ड सूची पढ़कर सुनाया। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान का यह प्रयास है कि योग्य मतदाताओं का नाम सूची से बाहर नहीं हो पाए। एसआईआर प्रक्रिया में पूरी गहनता के साथ रहिवासियों को जागरूक कर सभी योग्य नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाना है। कहा कि हम सभी को हर घर और हर व्यक्ति तक इस अभियान को पहुंचना है, ताकि कोई भी मतदाता वोट करने और सरकारी लाभ से वंचित न हो पाए। कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से छूट न जाए।
उन्होंने सभी अनमैप्ड मतदाताओं से अपील की है कि वे गांव के संबंधित आंगनबाड़ी सेविका (बीएलओ) से संपर्क करें और अन्मैप्ड सूची जांचें। यदि आपका नाम अन्मैप्ड सूची में है तो आंगनबाड़ी सेविका (बीएलओ) के बताए अनुसार आवश्यक कागजात जमाकर अपनी मैपिंग कराएं। ऐसा नहीं कराने पर आपका नाम वोटर लिस्ट से कट जाएगा और आप वोटर कार्ड के आधार पर जो भी सरकारी सुविधाएं ले रहे हैं, सभी सुविधाएं खत्म हो जाएंगी।
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