प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। झारखंड के लाल पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का 13 मई को राजधानी रांची के पल्स अस्पताल में निधन हो गया। वे बीते कई दिनों से सांस लेने की समस्या को लेकर इलाजरत थे। उनके निधन से झारखंड की राजनीतिक में शोक की है।
ज्ञात हो कि, बोकारो जिला के हद में गोमिया विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक और बिहार-झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह का 13 मई की सुबह 9:40 बजे रांची के निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे। उनके निधन से गोमिया, बोकारो और पूरे झारखंड की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह अपनी ईमानदार छवि और स्वच्छ राजनीति के लिए जाने जाते थे। वे वर्ष 1985 में पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में गोमिया से विधायक चुने गए। वर्ष 1990 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। वहीं वर्ष 1995 में हार के बाद वर्ष 2000 में वे फिर विधायक बने और बिहार सरकार में मंत्री बने।
वर्ष 200 में झारखंड गठन के बाद भी वे झारखंड मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे। वर्ष 2005 में पराजित होने के बाद वर्ष 2009 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर चौथी बार विधायक बने। राजनीति में रहते हुए भी झारखंड के लाल माधवलाल ने जनसेवा को ही अपनी सबसे बड़ी पूंजी माना। राजनीति से इतर भी वे गोमिया क्षेत्र के रहिवासियों के सुख-दु:ख में हमेशा साथ खड़े रहते थे। ताउम्र उन्होंने अपनी पेंशन की राशि से जरूरतमंदों को राशन, दवा और कपड़ा उपलब्ध कराते रहे।

धर्मपरायण माधवलाल सिंह को झारखंड धार्मिक न्यास बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया था। वे सपाट बोलने के लिए जाने जाते थे। कफन में पॉकेट नहीं होता कहकर वे हमेशा नेताओं को जनसेवा का संदेश देते रहे। उनके निधन की खबर मिलते ही समर्थकों और क्षेत्रीय जनता में शोक व्याप्त हो गया। गोमिया विधानसभा क्षेत्र के रहिवासी उन्हें लालो के लाल माधवलाल कहकर याद कर रहे हैं। उनकी अंतिम यात्रा में सड़कों पर जन सैलाब उमड़ पड़ी और रहीवासियों की आंखें नाम हो गई। परिवारजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार 14 मई को सुबह दस बजे राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा।
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